न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लौटेगी चहचहाहट जरूर, फिर से मेरे आंगन में बढ़ाए चंद कदम मैंने गौरैया तेरे स्वागत में। भला किसे अच्छी नहीं लगती गौरैया की चीं चीं चूं चूं। लेकिन पक्के मकानों के निर्माण के चलते गौरैया गायब हो रही है। जब चहचहाहट की ये रौनक गायब हुई तब लोगों की ये बातें समझ आई। इसके बाद जागरूकता अभियान शुरू हुआ।
नतीजे सकारात्मक आने लगे। अभी और प्रयास की जरूरत है। लोग थोड़ा सा दाना थोड़ा पानी अपने घर की मुंडेर पर रखें। ताकि गौरैया का आगमन हो सके । उक्त बातें विश्व गौरैया दिवस पर वन विभाग कार्यालय में हुई गोष्ठी के दौरान प्रभागीय वन अधिकारी विमल कुमार ने कहीं।
गोष्ठी में क्षेत्रीय वन अधिकारी एसआर ओझा ने भी गौरैया के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अलावा कार्यालय परिसर में मोरश्री सहित कई प्रजातियों के पौधे रोपे गए। इस मौके पर धर्मवीर सिंह, हरिपाल सिंह, रविकांत, अजय शर्मा, ओमप्रकाश, कपिल कुमार, रवि कुमार, भुवन भूषण शर्मा, चंद्रपाल सिंह, रनवीर सिंह, वीपी सिंह, योगेश कुमार, बिजेंद्र कुमार, मुकेश कुमार, सुनील दत्त शर्मा आदि मौजूद थे।