न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे सुरेश प्रसाद गांधी ने कहा कि अब उन जैसे लोगों की राजनीति नहीं रह गई है, जो कि क्षेत्र की समस्याओं व जनहित के कार्यों को मंत्री और शासन तक पहुंचा सकें। विधायक ने कहा कि जब उनके प्रयास सार्थक नहीं हो रहे हैं तो उनका राजनीति में रहना ही बेकार हैं।
अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए गांधी ने कहा कि यहां बस स्टैंड के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन परिवहन मंत्री एवं प्रमुख सचिव परिवहन के स्तर से कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिला प्रशासन ने भी ग्राम पंचायत की भूमि बस स्टैंड के लिए आवंटित नहीं की, जबकि उन्होंने प्रशासन को लिखित आश्वासन दिया था कि बस स्टैंड की भूमि की व्यवस्था हो जाने पर यात्री शेड व टॉयलेट का निर्माण अपने धन से करा देंगे। गांधी ने कहा कि अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड तृतीय का कार्यालय सिकंदराराऊ के स्थान पर सासनी में खोल दिया गया, जबकि स्थानीय बिजलीघर पर इस कार्यालय के लिए पर्याप्त स्थान मौजूद है। इससे हसायन और सिकंदराराऊ क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को सासनी के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
उन्होंने मांग की थी कि नगर के मध्य पुराने अस्पताल की खाली जगह पर राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज बनाया जाए इसका प्रत्यावेदन उन्होंने उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को दिया था, जो कि उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री भी रहे थे। नगर की पुरानी तहसील वह पुराने थाने की खाली पड़ी भूमि पर सामुदायिक केंद्र बनाए जाने की मांग उन्होंने की थी।
उन्होंने नगर में कोई सार्वजनिक भवन व सरकारी भवन न होने से नगर में सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों को आयोजित करने की सुविधा नहीं है। मेंडू जैसे छोटे कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बन रहा है। यह सिकंदराराऊ में क्यों नहीं बन सकता। गांधी ने कहा कि इसी प्रकार सिंचाई विभाग के उपखंड द्वितीय का कार्यालय सिकंदराराऊ सिंचाई विभाग कॉलोनी में सरकारी भवन में था। प्रदेश की सपा सरकार के पिछले कार्यकाल में इस कार्यालय से हटाकर एटा में एक किराए के कमरे में कर लिया है। यह परिवर्तन पूरी तरह से अनुचित है।
उपखंड कार्यालय के कार्य क्षेत्र में आने वाली तीनों विधानसभा क्षेत्र सिकंदराराऊ, कासगंज एवं छर्रा के तीनों विधायकों ने यह कार्यालय पूर्व की भांति यहां पर वापस कराने की मांग की, लेकिन जल शक्ति मंत्री ने तीनों की उचित मांग को नहीं माना। गांधी ने कहा कि सिकंदराराऊ क्षेत्र की अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई के स्तर से निर्माण व मरम्मत के स्वीकृत अनेक मार्ग न बनने से परेशानी हो रही है। कासगंज रोड पर एनएच बाईपास के बनने वाले ओवरब्रिज के दोनों तरफ सीढ़ियां बनाए जाने की मांग एनएचएआई के अधिकारियों से की गई है। सीढ़ियां बनने से लोगों को दूसरी तरफ जाने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। संवाद