हाथरस : पुरदिलनगर में बवाल के बाद भ्रमण करते डीआईजी अलीगढ़ दीपक कुमार, डीएम रमेश रंजन, एसपी विकास क
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
कस्बा पुरदिलनगर में जुमे की नमाज के बाद हुए हंगामे का अंदाजा लगाने में पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल साबित हुआ। भाजपा नेता नूपुर शर्मा प्रकरण में कुछ दिन पूर्व पुरदिलनगर के लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। मौके पर मौजूद सीओ सुरेंद्र सिंह और कोतवाल अशोक कुमार की पुलिस से नोकझाेंक हो गई। पुलिस बल के शीघ्र पहुंचने के बाद हालात बिगड़ने से पहले काबू कर लिए गए।
बता दें कि प्रकरण को लेकर कई दिन से अफवाहों का दौर चल रहा था कि जुमे के दिन बाजार बंद रहेंगे। नमाज के बाद प्रदर्शन किया जाएगा। कस्बा सिकंदराराऊ में पुलिस की चौकसी के चलते मामूली रूप से बाजार बंद रहा, लेकिन कस्बा पुरदिलनगर को लेकर किसी को आशा नहीं थी कि वहां के लोग इतनी बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आएंगे। साफ है कि खुफिया तंत्र वहां चल रही हलचल का अंदाजा नहीं लगा पाया। शुरू में जुलूस देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए, लेकिन पुलिस बल ने संयम का परिचय देकर किसी प्रकार हालात को काबू कर लिया। संवाद
पुरदिलनगर के बाशिंदे झेलेंगे परेशानी
सिकंदराराऊ। चाइनीज माल के बढ़ते प्रभुत्व के चलते पुरदिलनगर का मूंगा-मोती उद्योग पहले से ही बदहाली का शिकार है। पहले कस्बे के घर-घर में कांच के आयटम तैयार किए जाते थे, लेकिन उद्योग पिछड़ा तो इससे जुड़े कारीगर भी पलायन कर गए। जो बचे हैं, वह भी मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, लेकिन अब इस घटनाक्रम के बाद यहां की स्थिति और खराब होगी। पुलिस की कार्रवाई शुरू होगी तो इसका असर यहां के रोजगार पर पड़ेगा। संवाद