पराली जलाने से रोकने के लिए ग्रामीणों से किया संवाद
सादाबाद के गांव मंस्या, बुढाइच, कुरसंडा, रसीदपुर सहित कई गांवा में घूमी टीम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
सादाबाद। प्रदेशभर में पराली जलाने को लेकर काफी सर्तकता बरती जा रही है। पराली जलाने वालों की कड़ी निगरानी भी की जा रही है। वहीं अब सरकार पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में भी किसानों को आगाह कर रही है। शुक्रवार को दिल्ली से आई भारत सरकार की दो सदस्यीय टीम ने सादाबाद के कई गांवो का दौरा किया और पराली के समाधान को लेकर कई घंटे तक किसानों से संवाद भी किया।
टीम के सदस्यों में शामिल कृषि मंत्रालय के सहायक आयुक्त एके उपाध्याय, तकनीकी सहायक मोहम्मद अली मौला ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र कुमार और विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र शर्मा के साथ गांव मंस्या, रसीदपुर, कुरसंडा, परसौरा, बुढाइच, बीज गोदाम सादाबाद में पहुंचकर किसानों को बताया कि किसान पराली न जलाएं, क्यों कि इससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है। पराली को न जलाएं और इसके समाधान के लिए कृषि यंत्र खरीदें, जिन्हें सरकार अनुदान पर देने को तैयार है।
कृषि यंत्रों की खरीदारी और किराए पर लेने की सुविधा अब सीएससी फार्म मशीनरी मोबाइल एप के जरिए भी ली जा सकती है, एप से खरीदारी करने पर सब्सिडी का भी लाभ मिलेगा। एप के जरिए यंत्र किराए पर भी लिए जा सकते हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र कुमार ने बताया कि धान की पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ता है, जिससे हमारा वायुमंडल अशुद्ध हो जाता है। इस प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ता है। उन्होने किसानों से आह्वान किया कि वह पराली जलाने से परहेज करें।