न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
गांव गहचौली में राशन वितरण की जांच के लिए पहुंची पूर्ति निरीक्षक से अभद्रता की गई। उचित दर विक्रेता के पति पर आरोप है कि अपने विरोध में बयान दर्ज होने से बौखलाकर उन्होंने यह हरकत की और इसके बाद दुकान पर ताला लगाकर फरार हो गए। बाद में नायब तहसीलदार की मौजूदगी में ताला तोड़वाकर दुकान के गोदाम की जांच की गई, जिसमें गेहूं और चावल अधिक पाया गया।
पूर्ति निरीक्षक डौली शर्मा ने रविवार को कोतवाली तहरीर देकर कहा है कि तहसीलदार के निर्देश पर उन्होंने 18 नवंबर को ग्राम पंचायत गहचौली की उचित दर विक्रेता द्वारा किए जा रहे राशन वितरण की जांच की। जांच के दौरान आशुलिपिक शराफत अली भी साथ थे। इस दौरान अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी योजना के राशन कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। जांच पूरी होने के बाद उचित दर विक्रेता के पति ने अपने विरोध में बयान होने के कारण उल्टी-सीधी बातें करना शुरू कर दीं। मना करने पर गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करने लगे।
इसके बाद विक्रेता व उनके पति ताला लगाकर फरार हो गए। इसकी सूचना उन्होंने एसडीएम को दी। एसडीएम ने मौके पर नायब तहसीलदार को भेजा। नायब तहसीलदार की उपस्थिति में दुकान का ताला तोड़कर गोदाम का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में 9.91 क्विंटल गेहूं कम व 0.65 क्विंटल चावल अधिक पाया गया। प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि उचित दर विक्रेता द्वारा राशन कार्डधारकों में वितरण होने वाले खाद्यान्न की अपने हित में अनुचित लाभ के उद्देश्य से कालाबाजारी की है।
यह उप्र आवश्यक वस्तु अधिनियम (विक्रय एवं वितरण का विनियमन) आदेश- 2016 का स्पष्ट उल्लंघन है तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। निलंबित उचित दर विक्रेता गहचौली के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। संवाद