संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
कस्बा के राधा कृष्ण वैंक्वेट हॉल में विराट हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता वयोवृद्ध एवं प्रसिद्ध हास्य कवि पदम अलबेला व संचालन आशु कवि अनिल बौहरे ने किया। सम्मेलन की शुरुआत मां सरस्वती के छविचित्र के आगे दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस सम्मेलन में बदायूं से आई पांच वर्षीय कवियित्री वैभवी विजय गुप्ता ने काव्य पाठ कर अपने कवि जीवन में पदार्पण किया। उसकी कविता दूध में केमिकल मिलाते है जो, बच्चों को जहर पिलाते है वो, बड़े शैतान लगते हैं वो फिर भी पकड़े नहीं जाते हैं... सुनकर पूरा हाल तालियों से गूंज उठा। बारिश में भी कविता सुनने के लिए लोग डटे रहे।
सम्मेलन की शुरुआत सिकंदराराऊ से आई कवियित्री मीरा दीक्षित ने मां शारदे की कविता गाकर की। हास्य कवि सबरस मुरसानी ने हास्य कविता, काली है तू, भवानी है तू, पूजू तुझे, मेरी घरवाली है तू..., हास्य कवि पदम अलबेला की पुलिस पर व्यंग कौन सी दफा में ले चला रे सिपहिया, ये बता मेरे को यह भइया... सुनकर हाल में बैठे सभी श्रोता लोट-पोट हो गए।
इसके बाद अनिल बौहरे की कविता, नारी के शृंगार का नशा जीन को तबाह कर जाएगा.., तेरह वर्षीय वीर रस की कवियित्री उन्नति भारद्वाज ने राम फिर पृथ्वी पर खुद नहीं आएंगे, रावण को मारने को हमें ही राम बनना होगा... का पाठ किया। कवियित्री मीरा दीक्षित ने तेरे लिए मोहन हर युग में आई हूं... सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
इसके अलावा कवि डॉ. नितिन मिश्रा, मंजू शर्मा, स्थानीय कवि सतेंद्र शर्मा एवं श्री कृष्ण भारद्वाज ने भी अपनी कविताएं सुनाईं। सम्मेलन का समापन सीओ ब्रह्म सिंह ने कर्ण का रथ धंसा क्यों के साथ किया...। आयोजकों ने सम्मेलन मे आए कवियों, सीओ सादाबाद व कोतवाल मनोज कुमार को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
आनंद शर्मा एडवोकेट ने श्रोताओं को सभी कविओं से परिचय कराया। इस अवसर पर दिनेश वार्ष्णेय, संदीप जैन, गजेंद्र वर्मा, अंशुल शर्मा, डॉ, ठेनुआं, एसआई दिलीप यादव, तोता राम गौतम, हरीश तिवारी, बीके शर्मा सचिव, योगेंद्र वर्मा, दिनेश नायक, शिवा भाटिया, जुगेंद्र सिंह, मनीष वार्ष्णेय, डॉ. रवि शुक्ला, मनीष जैसवाल, दिलीप गुप्ता आदि मौजूद थे।