संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
बारिश के बाद पैदा हुए मच्छरों ने नगरवासियों का जीना मुहाल कर रखा है। मच्छरों के प्रकोप का यह आलम है कि लोग मलेरिया, वायरल बुखार, टाइफाइड और डेंगू जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। कहीं भी कोई ऐसा घर नहीं है, जहां बुखार पीड़ितों की चारपाई न बिछी हो। व्यापार मंडल के नेताओं ने नगर पालिका को चेतावनी दी है कि वह मच्छर मारने के लिए युद्घस्तर पर कार्य करे, अन्यथा व्यापारी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
इस संबंध में व्यापारियों की बैठक व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय के आवास पर हुई। वक्ताओं ने कहा कि नगर पालिका की लापरवाही और उदासीनता के चलते नगर का पानी नगर से बाहर नहीं जा रहा है और नालियों में ही रुका हुआ है। इससे कई प्रजातियों के मच्छर पैदा हो गए हैं।
नगर पालिका ने पालिका नालियों में मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए कीटनाशक का छिड़काव तक नहीं कराया है और न हीं फॉगिंग कराई जा रही है। नगर के कूड़े को डलाबघर की बजाय नगर के बाहर सड़कों के किनारे डलवाया जा रहा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप और बढ़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नगर पालिका ने रवैया नहीं बदला तो व्यापार मंडल आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। इस मौके पर विकास वार्ष्णेय, दाऊदयाल वार्ष्णेय, चंचल गुप्ता, धीरज वार्ष्णेय, मनोज, सुभाष यादव, बबलू सिसौदिया, जयपाल सिंह चौहान, विश्वदीप गुप्ता, विष्णु वार्ष्णेय, दीपक सक्सेना, मुकुल गुप्ता, श्याममूर्ति वार्ष्णेय, मनीष वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।