न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में बिजली चोरी पर लगाम नहीं लग पा रही है। शहर में 34 प्रतिशत तो ग्रामीण अंचल में करीब 60 प्रतिशत बिजली की चोरी हो रही है। इस वजह से उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। बिजली महकमा भी बिजली चोरी रोकने में लापरवाही बरत रहा है। स्थिति यह है कि इस साल अभी तक बिजली चोरी के केवल दो ही मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि शहर से देहात तक 64 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। इनमें 13 हजार नलकूप उपभोक्ता भी शामिल हैं। जिले में बिजली चोरी लंबे समय से बेलगाम है। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। बिजली अधिकारियों का भी कहना है कि यदि बिजली चोरी पर अंकुश लगे तो उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। संवाद
बिजली थाने में भी कर्मियों की कमी
हाथरस। जिले में हाल ही में खुले बिजली थाने में एक थाना प्रभारी सहित तीन दरोगा, आठ हेड कांस्टेबल और तीन सिपाही तैनात हैं। जिले के हिसाब से पुलिस कर्मियों की संख्या भी कम है। थाने के कर्मियों का कहना है कि जब अवर अभियंता (जेई) और उपखंड अधिकारी (एसडीओ) चेकिंग में जाएं, तब वह भी बिजली चोरी कम करने के लिए प्रभावी तरीके से काम कर पाएंगे। थाने में पुलिस कर्मियों की कमी के चलते कई मामलों की विवेचना भी लंबित चल रही हैं। संवाद
इस साल केवल दो मुकदमे हुए हैं दर्ज
हाथरस। खेदजनक पहलू यह है कि इस साल बिजली चोरी के केवल दो मुकदमे ही दर्ज हुए हैं। वर्ष 2020 में 6,567 बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। वर्ष 2021 में 5,773 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में कार्रवाई की गई थी। संवाद