न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
अधिसूचना से पूर्व ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर पेशबंदी शुरू हो गई है। गांव टीकरी कलां से बीडीसी सदस्य भगवान देवी अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने के 24 घंटे बाद ही अचानक सबके सामने आ गईं। उन्होंने कहा है कि उनका किसी ने अपहरण नहीं किया। वह अपनी रिश्तेदारी में गई थीं। पुलिस क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। मामले की विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव टीकरी कलां निवासी विनोद कुमार पुत्र ईश्वरी प्रसाद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 21 मई की दोपहर जब वह अपने खेत पर पानी लगा रहा था। तभी उसके घर पर देवेंद्र उर्फ बंटी पुत्र राजवीर सिंह निवासी गांव लालगढ़ी तीन-चार अज्ञात लोगों के साथ आया और उसकी मां भगवान देवी से कहा कि तुम्हारे भाई की तबियत खराब है। तुम्हें वहां बुलाया गया है। जब उसकी मां ने कहा कि वह अपने बेटे को बुलाने खेत पर जा रही है तो इन लोगों ने रास्ते में उसकी मां को हथियारों के बल पर गाड़ी में डाल लिया और उसे ले गए। उसकी मां का अब तक पता नहीं है। आरोप है कि देवेंद्र ने उसे बंधक बनाकर रखा है।
29 मई की रात को इस मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई। 24 घंटे बाद ही 30 मई को भगवान देवी जीटी रोड स्थित सपा कार्यालय पर अपने एक और पुत्र के साथ पहुंच गईं। यहां उन्होंने अपहरण के आरोपी बंटी यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव के समक्ष बताया कि उनका किसी ने अपहरण नहीं किया है। वह अपनी रिश्तेदारी में गई थीं। उल्टे कुछ लोगों ने उनके दिव्यांग पुत्र का अपहरण कर लिया है।
वह इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने जा रही हैं। बंटी यादव ने कहा कि उनका अपहरण से कोई लेना-देना नहीं है। यदि भगवान देवी का अपहरण हुआ होता तो वे सामने कैसे आ जातीं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर सत्ताधारी दल पुलिस-प्रशासन के बल पर चुनाव में जबरिया जीत हासिल करना चाहता है। वे ऐसा नहीं होने देंगे। बीडीसी सदस्य जिसे चुनेंगे, वहीं ब्लॉक प्रमुख होगा।