न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मीजल्स और रूबेला मुक्त भारत अभियान के तहत जिला स्तरीय वर्कशॉप का आयोजन सीएमओ ऑफिस में हुआ। जिसमें जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, सभी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक स्तरीय टीकाकरण अधिकारियों, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता सीएमओ डॉ. चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने की।
वर्कशॉप में विश्व स्वास्थ्य संगठन की एसएमओ डॉ. प्रीति रावत ने इस बारे में विभिन्न जानकारियां दीं। सीएमओ ने बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग खसरा और रूबेला की रोकथाम के लिए टीकाकरण करा रहा है। 2018 से एक विशेष अभियान के तहत यह टीकाकरण 9 माह से 16 वर्ष तक के बच्चों को किया गया। वर्तमान में मीजल्स व रूबेला के लिए बच्चों को दो बार टीका लगाया जाता है।
प्रथम, बच्चे के नौ माह के हो जाने पर और द्वितीय, बच्चे के 16 माह से 24 माह के बीच। मीजल्स अर्थात खसरे के लक्षण शुरू में बुखार, खांसी, नाक बहना, लाल आंखें तथा मुंह के अंदर सफेद धब्बे के साथ दिखते हैं। 3 से 7 दिन में शरीर पर लाल दाने आ सकते हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि जिला स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला के बाद अब ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा।