न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सादाबाद क्षेत्र और सिकंदराराऊ के पुरदिलनगर में डेंगू के रोगियों के मिलने के बाद अब बुखार के प्रत्येक रोगी पर विशेष नजर रखी जा रही है।
जहां भी मिलेगा लार्वा, जारी होगा नोटिस
हाथरस। जिले में कई स्थान ऐसे हैं, जहां कुछ लोगों की मनमानी और गलत तरीके से पानी के प्रयोग के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि जिस सरकारी, अर्द्धसरकारी, निजी संस्थान, या निजी भवन परिसर में मलेरिया, डेंगू, कालाजार एवं अन्य मच्छर जनित रोगों से संबंधित लार्वा मिलेगा तो संबंधित के खिलाफ नोटिस जारी होगा और सफाई नायकों को नामित करते कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता करेंगे जागरूक
हाथरस। आशा और आंगनबाड़ी को घर-घर सर्वे कराते हुए बुखार के रोगियों को चिन्हित करने और डेंगू एवं अन्य रोगों के बारे में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं। आशा कार्यकर्ता घर-घर भ्रमण करते हुए बुखार के रोगियों का चिह्नीकरण करेंगी और उनकी सूची बनाते हुए इसकी सूचना ब्लॉक स्तरीय चिकित्सालय के प्रभारी अधिकारी देंगी। सूची का विश्लेषण करते हुए अधिक रोगी वाले क्षेत्रों में शिविर लगाए जाएंगे। रोगियों की जांच और उपचार किया जाएगा। गंभीर रोगी मिलने पर उसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से तत्काल ब्लॉक स्तरीय इकाई पर भेजा जाएगा। संवाद
शिक्षक करेंगे बच्चों को जागरूक
हाथरस। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं को डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित बीमारियों के बारे में छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जाएगा। विद्यालय में यदि कोई विद्यार्थी लंबे समय से अनुपस्थित है तो उसके बारे में घर वालों से जानकारी प्राप्त करने के साथ ही बुखार की स्थिति मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना देनी होगी। संवाद
तीन गांवों के स्कूलों का बीईओ हर दिन करेंगे निरीक्षण
हाथरस। जिलाधिकारी (डीएम) ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कम से कम तीन ग्रामों के स्कूलों का निरीक्षण कराया जाए। यदि कहीं जल भराव की स्थिति मिलती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। संवाद
डेंगू के रोगियों की विशेष निगरानी पर जोर
हाथरस। प्रभारी चिकित्साधिकारी को अपने क्षेत्र में मिलने वाले डेंगू के रोगियों के घरों पर सोर्स रिडेक्शन एवं निरोधात्मक कार्रवाई करनी होगी। रोगियों के प्लेटलेट्स काउंट, कम प्लेटलेट्स काउंट वाले रोगियों को उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर भर्ती कराया जाने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद