हाथरस : एक मंदिर में पूजा-अर्चना करते भाजपाई। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के किसी भी विधायक इस बार भी मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है। इससे उनके समर्थकों को काफी निराशा हुई है। माना जा रहा था कि सदर विधायक अंजुला माहौर को मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है, लेकिन वह भी मंत्री नहीं बन सकीं। इसे लेकर चर्चाएं भी रहीं।
उल्लेखनीय है कि पिछले 10 साल से जिले के किसी विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है। बसपा की सरकार में वर्ष 2012 तक रामवीर उपाध्याय कबीना मंत्री रहे थे। उसके बाद सपा की सरकार में जिले के किसी जनप्रतिनिधि को स्थान नहीं मिला और फिर वर्ष 2017 में बनी योगी सरकार में भी कोई भाजपा विधायक मंत्रिमंडल में स्थान नहीं पा सका।
जिले की सदर सीट से विधायक अंजुला माहौर और सिकंदराराऊ सीट से विधायक वीरेंद्र सिंह राना भाजपा से चुनाव जीते हैं। इस बार योगी सरकार की दूसरी पारी में यह माना जा रहा था कि सदर विधायक अंजुला माहौर मंत्री बनेंगी, लेकिन उन्हें भी स्थान नहीं मिला। ऐसे में उनके समर्थक काफी निराश भी दिखे। सुबह से ही लोग मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण पर टकटकी लगाए हुए थे, लेकिन दोपहर बाद जब लोगों को पता चला कि हाथरस के दोनो में से किसी विधायक का नाम मंत्रिमंडल में नहीं हैं तो उनको खासी निराशा हुई। संवाद