न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस-जलेसर राजमार्ग में कदम-कदम पर हो रहे गड्ढों से आवागमन दूभर हो गया है। यहां हर वक्त हादसों का डर रहता है। लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्ग के चौड़ीकरण और इसे दुरुस्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन आज तक इसे मंजूरी नहीं मिली है। कई बार इस मार्ग के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हो चुके हैं, लेकिन किसी राजनेता ने इसकी सुधि नहीं ली है।
उल्लेखनीय है कि जिले की सीमा के अंत तक इस मार्ग की हालत बदतर है। मार्ग में गहरे-गहरे गड्ढे हैं। इस मार्ग से गंगचौली, लाड़पुर, नगला इमलिया और बेरगांव सहित कई गांवों के हजारों लोगों का आवागमन होता है। यह मार्ग ग्रामीण अंचल को शहर से जोड़ता है। इस मार्ग से जलेसर से एटा के लिए भी दूरी तय की जाती है। इतना व्यस्ततम मार्ग होने के बावजूद इस मार्ग की दुर्दशा पर किसी का ध्यान नहीं है।
इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। 19 किलोमीटर तक मार्ग संकरा है। लोनिवि द्वारा मार्ग के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण का प्रस्ताव बनाकर कई माह पूर्व शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन आज तक शासन स्तर से इस मार्ग के निर्माण की हरी झंडी नहीं मिली है। इस कारण लोगों को गंतव्य की दूरी तय करने में मुश्किलें हो रही है। संवाद
राहगीरों का दर्द
जलसेर मार्ग की हालत बहुत खराब है। यह मार्ग गांवों को शहर से जोड़ने का काम भी करता है। इसके बाद इस मार्ग की दुर्दशा पर किसी का ध्यान नहीं है। इस कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-मतेंद्र सिह गहलोत
कई वर्षों से मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक किसी ने इसको दुरुस्त कराने की सुधि नहीं ली है। इस कारण आए-दिन लोग जख्मी हो रहे हैं। जनप्रतिनिधि मार्ग को जल्द से जल्द बनवाने के लिए प्रयास करें। -हरेंद्र सिंह
जलेसर मार्ग से दो दर्जन से गांव शहर को जोड़ते हैं। हाथरस जिले की सीमा का जितना हिस्सा है, वह संकरा होने के साथ जर्जर हालत में है। इस कारण पूर्व में कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। किसी को इसकी सुधि नहीं है।
-प्रमोद सिसौदिया
-मार्ग की दयनीय हालत से जनप्रतिनिधि अंजान हैं। मार्ग पर चलने में ऐसा लगता है कि जैसे किसी गांव की सड़क पर चल रहे हैं। यह अति व्यस्त मार्ग है। वाहनों का दबाव भी ज्यादा रहता है।
-गोपाल, ग्राम प्रधान लाड़पुर।
स्वदेशी हिंद पार्टी ने निकाला था जुलूस
हाथरस। पिछले दिनों स्वदेशी हिंद पार्टी ने इस मार्ग के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण के लिए आंदोलन छेड़ा था। जुलूस निकालने की कोशिश की थी। तब जुलूस को प्रशासन ने बीच में ही रोक दिया था। पार्टी ने इसे लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया था, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला है।