न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
पूर्व विधायक सुरेश प्रताप गांधी ने कहा है कि क्षेत्र के एक ही गांव के दो मतदान केंद्र अलग-अलग गांवाें में बना दिए गए हैं, जबकि इसी गांव में दूसरे मतदान केंद्र के लिए भी जगह उपलब्ध है। प्रशासन की गलती से इस गांव के काफी मतदाताओं को कई किमी दूर दूसरे गांव में मतदान करने जाना पड़ेगा। उन्होंने एसडीएम को इस बारे में अवगत कराया है।
पूर्व विधायक ने कहा है कि क्षेत्र के राजस्व ग्राम महमूदपुर के आधे मतदाताओं का मतदान केंद्र गांव की सीमा से दूर दूसरे गांव खेड़िया टप्पा में बना दिया गया है, जबकि गांव महमूदपुर में ही बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी, जूनियर हाईस्कूल और पंचायतघर एक ही परिसर में बने हैं। इन भवनों में दूसरा बूथ न बनाकर गांव के आधे मतदाताओं के लिए गलत तरीके से दूसरे गांव में बूथ बनाया गया है।
महमूदपुर गांव कासगंज जिले की सीमा के नजदीक है। चुनाव के दिन सीमा पर विशेष सुरक्षा होती है। ऐसे में इस गांव के लोगों को सीमा पार करके मतदान के लिए दूसरे गांव में नहीं जाने दिया जाएगा। वर्ष 1952 से ही महमूदपुर गांव में मतदान केंद्र रहा है। किसी भी चुुनाव में गांव के लोग दूसरे गांव में बने मतदान केंद्र पर वोट डालने नहीं गए हैं। उनकी शिकायत पर एसडीएम ने एडीओ पंचायत को उचित कार्यवाही के निर्देश दे दिए थे, लेकिन एडीओ ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं भेजी है।
पूर्व विधायक का कहना है कि ऐसा करके आधे गांव के मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की साजिश रची गई है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार श्यामपुर-मानिकपुर गांव के मतदाताओं का मतदान केंद्र भी दूसरे गांव में बनाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव से पहले यह विसंगति दूर नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।