हाथरस : गांव उधैना में एसडीएम व ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा पकड़ा गया ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का जखीरा व प
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
सहपऊ क्षेत्र के गांव उधैना में एसडीएम अंजली गंगवार ने खाद्य सुरक्षा व औषधि विभाग की टीम और पुलिस बल के साथ सोमवार को एक प्रोविजन स्टोर पर छापा मारा। छापे में कई वर्ष पहले प्रतिबंधित हो चुके ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन का जखीरा बरामद किया है। कार्टन में पैक रखे करीब चार हजार इंजेक्शन मौके से बरामद किए गए। यह इंजेक्शन चोरी-छिपे बेचे जा रहे थे। टीम ने मौके से दो नमूने भी संकलित किए। बिना लाइसेंस के ही यह प्रोविजन स्टोर चल रहा था।
अचानक दुकान पर अधिकारियों के काफिले को देखकर दुकानदार और आसपास के लोग भी सकते में आ गए। टीम ने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तलाश में दुकान का बारीकी से निरीक्षण किया तो वहां छिपाकर रखे गए इंजेक्शन के लगभग कई कार्टन बरामद हो गए। दुकानदार ने बताया कि एक अपरिचित व्यक्ति बाइक से आता है और यह इंजेक्शन दे जाता है। औषधि निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि कार्रवाई दौरान गांव उधैना (मानिकपुर) में गौरव प्रोविजन स्टोर के संचालक मौके पर मौजूद पाए गए। मौके से लगभग 4000 प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन वेटनेररि, दो भिन्न-भिन्न बैच नंबरों के पाए गए हैं।
मौके से दो नमूने जांच के लिए भी लिए गए। नमूनों को जांच के लिए राजकीय विश्लेषक लखनऊ को भेजा गया है। नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने और प्रकरण की विवेचना के उपरांत संबंधित दोषी व्यक्ति के खिलाफ न्यायालय में औषधि एवं एवं प्रसाधन सामिग्री अधिनियम-1940 के अंतर्गत परिवाद दाखिल किया जाएगा। औषधि निरीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना पर की गई। कार्रवाई के लिए सहायक आयुक्त औषधि अलीगढ़ मंडल अलीगढ़ द्वारा निर्देशित किया गया था।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि यह इंजेक्शन जानवरों के लिए प्रयोग होता है। कई साल पहले यह इंजेक्शन प्रतिबंधित कर दिया गया था। एसडीएम ने बताया कि सादाबाद व सहपऊ क्षेत्र में इस तरह से प्रतिबंधित इंजेक्शनों की बिक्री कदापि सहन नहीं की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। इन इंजेक्शन के बारे में दुकानदार से कड़ी पूछताछ की गई। इंजेक्शन कहां से आते हैं, कौन आपूर्ति करता है और कहां-कहां इनकी आपूर्ति हो रही है, इन बिंदुओं पर गहनता से जांच की जाएगी।