हाथरस : 15 अगस्त 1979 में लहटू ताऊ दिल्ली में चौधरी चरण सिंह के साथ। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
पूरे क्षेत्र में लहटू ताऊ के नाम से मशहूर पूर्व विधायक रामशरण आर्य शुरू से ही पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के अनुयायी रहे। वह संघर्ष के दौर में गांव के प्रधान बने। यहां से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ और वर्ष 2001 में तत्कालीन भाजपा विधायक चौधरी विशंभर सिंह के निधन के बाद हुए उपचुनाव में वह सादाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने गए।
इस चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौ. अजित सिंह के साथ हेलीकॉप्टर से प्रचार करने के कारण लहटू ताऊ को खासी पहचान मिली। इस चुनाव में चौ. अजित सिंह ने उनके लिए काफी मेहनत की थी। वह करीब आठ महीने तक विधायक रहे। वर्ष 2002 में हुए चुनाव में टिकट न मिलने के कारण वह इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रत्याशी बने, लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा। फिलहाल वह पिछले कई वर्षों से भारतीय जनता पार्टी में थे। अंतिम विधानसभा चुनाव में भी सादाबाद से उन्होंने भाजपा से टिकट के लिए दावेदारी की थी। टिकट न मिलने के बावजूद उन्होंने चुनाव प्रचार में खूब मेहनत की थी। वह अंतिम समय तक जनहितकारी कार्य में लगे रहे। संवाद
भाजपा के बड़े नेता को दे दी थी दावेदारों की दौड़ कराने की चुनौती
सादाबाद। पूर्व विधायक लहटू ताऊ अंतिम सांस लेने तक शारीरिक रूप से स्वस्थ थे। 84 वर्ष की उम्र में भी वह खूब भागदौड़ करते थे। शुक्रवार को भी उन्होंने जनता के कार्यों में व्यस्त रहते हुए कस्बे के कई लोगों से मुलाकात की। इस दौरान वह पूरी तरह स्वस्थ नजर आए। पुराने अंदाज में लोगों से बातचीत की।
परिजन बताते हैं कि शुक्रवार रात तक वह पूरी तरह स्वस्थ थे। प्रतिदिन वह एक किलो दूध और 100 से ज्यादा बादाम खाते थे। इसके अलावा योग करना और सुबह जल्दी उठना उनकी दिनचर्या में शामिल था। बेहतर खानपान और स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता के चलते इतनी उम्र बीत जाने के बाद भी उनके शरीर में नौजवानों जैसी फुर्ती थी। एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया था कि विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान वह टिकट के लिए भाजपा के एक शीर्ष नेता से मिले थे। उन्होंने पूर्व विधायक की उम्र ज्यादा होने की वजह से टिकट के लिए सिफारिश करने से इंकार कर दिया था। इस पर लहटू ताऊ ने टिकट की लाइन में लगे लोगों से दौड़ लगाने की चुनौती शीर्ष भाजपा नेता को दे दी थी।