आईडीबीआई बैंक द्वारा एक किसान के नाम पर फर्जी तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को पांच लाख रुपये का लोन कर दिया गया। अब इस मामले की शिकायत यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने डीएम से की है। शिकायती पत्र में जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
संगठन के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने शिकायती पत्र में कहा गया है कि बैंक द्वारा किसानों के नाम से फर्जी लोन और उनके फर्जी खाते खोलकर धोखाधड़ी की जा रही है। किसानों के नाम नोटिस बनाकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। बैंक द्वारा महीपाल पुत्र मवाशीराम गांव भिंतर हाथरस के नाम पर पांच लाख रुपये का केसीसी लोन किसी और को दे दिया गया।
पांच जून को बैंक द्वारा नोटिस पहुंचने पर महीपाल को इसके बारे में जानकारी हुई। महीपाल ने इस संबंध में जब बैंक जाकर मालूम किया तो लोन के लिए फोटो किसी और का लगा हुआ था और फर्द, खसरा और खतौनी महीपाल की ही लगी थी। इसके अलावा प्रवीन वार्ष्णेय ने एक अन्य शिकायत में कहा कि डालचंद्र पुत्र अंतराम निवासी भिंतर हाथरस के नाम से चेक बुक डाक से उसके पास पहुंचती है, इस खाते पर भी फर्जी फोटो लगा हुआ है और गवाह भी फर्जी है। पत्र में इन दोनों मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
उन्हें पीड़ित की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन मामला जानकारी में आ चुका है। शिकायत गंभीर है, इसलिए इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
एके सक्सेना, एलडीएम, हाथरस