न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिये महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सुलभ बैंकिंग सेवा देेने के लिए बैंक सखियों को सक्रिय किया जा रहा है। लंबे समय से प्रशिक्षण दिए जाने के बाद भी 196 बैंक सखियों में से मात्र तीन को ही डिवाइस दी गई थी। इस कारण बाकी सखियां सक्रिय नहीं हो पाई थीं। अमर उजाला में इस आशय की खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अफसर व नामित बैंक कर्मी हरकत में आ गए। अब बैंक सखियों को नामित बैंक की ओर से डिवाइसों का वितरण शुरू कर दिया गया है। हालांकि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से प्रशिक्षण में लापरवाही बरती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय की मुहिम के तहत विभिन्न कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस क्रम में ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत लोगों व अन्य सरकारी योजनाओं में कार्यरत कार्मिकों को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंक सखी बनाया गया है। जिले में में 461 बैंक सखी बनाई गई हैं। इनमें से वर्तमान में महज तीन बीसी सखी को ही डिवाइस उपलब्ध कराई गई है, जिससे बाकी बैंक सखियां सक्रिय नहीं हो पा रही थीं। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया।
इसके बाद नामित मनिपाल टेक्नोलॉजी बैंक की ओर से बैंक सखियों को डिवाइस देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। शासन स्तर से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत बैंक सखियों को प्रशिक्षण दिए जाने के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान को भी नामित किया गया है। जिले में 461 के सापेक्ष अभी तक 196 बैंक सखियों को ही प्रशिक्षण दिया गया है।