न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोविड रोधी टीका लगने के बाद से डर एवं भय की बात अब पुरानी हो गई है। समय एवं सुविधा के हिसाब से बच्चे एवं युवा खुद टीकाकरण केंद्रों पर आकर टीका लगवा रहे हैं। अब टीके को लेकर छोटे बच्चों के अभिभावकों के मन की झिझक भी दूर हो गई है। जनवरी 2021 में कोविड रोधी टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस अभियान में धर्म गुरुओं के साथ ही स्कूल-कॉलेज, गैर सरकारी संगठन और जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया। कोरोना की दूसरी लहर में भारी जनहानि के बाद टीकाकरण में इजाफा हुआ। लोगों की समझ में भी आ गया कि कोरोना से टीका ही बचाएगा। नये वर्ष में किशोरों के टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई है। संवाद
जब बच्चों का टीका नहीं था तो डर था कि महामारी के बीच बच्चों के भविष्य का क्या होगा। अब टीके की दोनों खुराक लगने के बाद राहत मिली है। टीका लगवाने के बाद मुझे किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। सभी केंद्र पर जाकर कोरोना का टीका लगवाएं। डर की बात तो अब पुरानी हो चुकी है।
-उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी, धर्माचार्य
अब हम डर की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि कोरोना का टीका के लगने के बाद से खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सभी को इस टीके को लगवा लेना चाहिए। टीका ही हम और हमारे आसपास के लोग कोरोना से सुरक्षित रख सकता है। टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे हमें फायदा ही हो रहा है।
-ज्ञानी हरपाल सिंह, मुख्य ग्रंथी गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार
अब 12 से 14 साल तक के बच्चों के टीकाकरण को बढ़ावा देने की मुहिम छेड़ी है। कोरोना की वजह से दो साल बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई। ऐसा फिर से न हो, इसलिए बच्चों का टीकाकरण जरूरी है। लोगों से यही कहना चाहता हूं कि जब से कोरोना रोधी टीका लगा है, तब से इसे लेकर मन में कोई डर नहीं है।
संतोष पांडेय, पादरी
कोरोना से बचाव के लिए टीका बेहद जरूरी है। इससे हम ही नहीं, बल्कि हमारा परिवार भी सुरक्षित होगा। बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए अभिभावक बच्चों को टीका जरूर लगवाएं। टीका लगने के बाद भी मास्क पहनना और कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना जरूरी है।
-हाजी सलीम अहमद, काजी जामा मस्जिद