न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के तालाब चौराहे पर नवनिर्मित ओवरब्रिज के दिशाहीन मोड़ हादसे की आशंका को बल दे रहे हैं। सर्विस रोड से ओवरब्रिज पर चढ़ने व उतरने के दौरान वाहन आपस में भिड़ रहे हैं, जिससे लोग चुटहिल भी हो रहे हैं। राहगीरों और वाहन चालकाें में इसे लेकर नाराजगी भी है।
उल्लेखनीय है कि शहर के तालाब चौराहे पर लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है। ओवरब्रिज बनने से शहरवासियों को जाम की समस्या से तो राहत मिली है, लेकिन ओवरब्रिज पर चढ़ने-उतरने के लिए आगरा और अलीगढ़ रोड की तरफ कायदे के मोड़ न होने से आए-दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
अक्सर वाहन चालकों को चढ़ने-उतरने के दौरान सामने से आ रहे वाहन दिखाई नहीं देते। इस वजह से यह वाहन आपस में भिड़ जाते हैं और इन पर सवार लोग जख्मी हो जाते हैं। लोगों को डर है कि यदि जल्द ही इस समस्या को दूर नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
ओवरब्रिज के निर्माण के लिए जो भी विभाग जिम्मेदार हैं, उनको तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। वहां रात के समय में प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। पुल को आगे बढ़ाते हुए जालीदार ग्रिल लगाई जाए, ताकि आने-जाने वाले लोगों को दिखाई दे। दोनों तरफ यू आकार के मोड़ बनाए जाएं, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आ सके। इस संबंध में जिला प्रशासन को भी अवगत कराया है।
-योगेंद्र शर्मा, शहरवासी
ओवरब्रिज की परिधि में थोड़ा आगे बैरिकेडिंग लगाई जाए, जिससे सामने से आ रहे वाहन चालक को दूर से पता चल जाए कि उसके सामने कोई वाहन आ रहा है। ओवरब्रिज के आसपास जो सड़क क्षतिग्रस्त है, उसकी भी मरम्मत कराई जाए। ओवरब्रिज पर दोनों तरफ लगाई गई लाइट भी जल्द चालू कराई जाएं, ताकि यहां अंधेरे की समस्या दूर हो सके।
-कपिल अग्रवाल, शहरवासी
तालाब रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज चालू होने से जाम से निश्चित रूप से राहत मिली है। अब जरूरत इस बात की है पुल पर चढ़ने-उतरने के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने का इंतजाम किया जाए। निर्माणदायी संस्था को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया जाए। यहां पर बैरिकेडिंग व गिल लगाई जाएं, ताकि दुर्घटनाएं रुक सकें।
-ऋषि कुमार शर्मा, शहरवासी
तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज बनने से काफी राहत मिली है। सर्विस रोड पर इस तरह के इंतजाम किए जाएं कि दोनों ओर से आने-जाने वाले वाहन स्वामियों को सामने से आ रहे वाहन साफ दिखाई दें और दुर्घटना रुक सकें। निर्माणदायी संस्था को भी इस संबंध में तुरंत ठोस कदम उठाना चाहिए।
-राजेश कुमार, शहरवासी।