हाथरस : जेल में मृत बंदी का फाइल फोटो। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अलीगढ़ जेल में खुदकुशी करने वाले युवक का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके गांव धौरपुर लाया गया। वहां उसके शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं मृतक के पिता का कहना है कि उसके बेटे की मौत के लिए अलीगढ़ जेल प्रशासन जिम्मेदार है। उन्होंने बेटे की हत्या की आशंका जताई है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव धौरपुर का एक युवक मोनू पुत्र विष्णु हत्या के एक मामले में अलीगढ़ जेल में निरुद्ध था। उस पर नगला अलगर्जी निवासी एक युवक रविकांत की हत्या का आरोप था। आरोप था कि रविकांत के घर पर मोनू हैंडीक्राफ्ट का काम करता था और उसकी पत्नी पर मोनू की गलत नजर थी। इसके चलते उसने रविकांत की हत्या कर दी थी। उसे 13 नंवबर को जेल भेजा गया था। इस हत्या में दो अन्य लोग भी आरोपित हैं। अलीगढ़ जेल में मंगलवार को मोनू ने सेफ्टी टैंक में कूदकर खुदकुशी कर ली थी। सूचना पर उसके परिजन अलीगढ़ गए थे। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद वह इसे गांव लेकर आए। वहां शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वहीं मृतक के पिता विष्णु ने आरोप लगाया है कि जेल प्रशासन उसके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार है। उसका कहना है कि आखिर मेरा बेटा अकेला इतने बड़े टैंक के ढक्कन का फोटो साफ नजर नहीं आ रहा है। जेल प्रशासन ने जो सीसीटीवी फुटेज दिखाए हैं, उसमें साफ नजर नहीं आ रहा है कि यह उनका बेटा है या फिर कोई और। उनका कहना है कि करीब छह घंटे तक लाश टैंक में पड़ी रही तो इतनी देर तक जेल प्रशासन क्या कर रहा था। उन्होंने जेल में अपने बेटे की हत्या की आशंका जताई है। साथ ही उनका यह भी कहना है कि उसके साथ जेल में बंद अन्य दो आरोपी उसके बेटे को धमकी दे रहे थे और यह बात मेरे बेटे ने फोन पर बताई भी थी। संवाद