न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मौसम में हुए परिवर्तन के कारण बारिश व ओलावृष्टि ने आलू व सरसों की फसल वाले किसानों के माथे पर पसीना ला दिया है। ऐसे में किसान तेज बारिश न आने की दुआ कर रहे हैं, क्योंकि जिले में आलू की फसल अधिक है और बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान भी आलू में ही होगा।
पिछले तीन दिन से हल्की बारिश शुरू हो गई। शनिवार की रात को तो बारिश के साथ कुछ इलाकों में ओले भी आए हैं। जिसे देख किसानों को सर्दी के मौसम में पसीना आने लगा है। दयानतपुर निवासी राधारमन शर्मा ने बताया कि इस बारिश और ओलावृष्टि से आलू व सरसों की फसल को बहुत नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि इस समय सरसों में फूल आ रहा है, जिस पर बारिश और ओले जहर का काम कर रहे हैं।
किसान गौरीशंकर का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि से आलू की फसल में झुलसा रोग आने की आशंका बढ़ गई है। अगर मौसम ऐसा ही रहा तो इससे आलू की पैदावार प्रभावित होगी। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि किसान इस वक्त बस इतना काम कर सकते हैं कि खेत में पानी को रुकने न दें। बारिश के पानी की खेत से निकाली की उचित व्यवस्था करें। पानी भरने से आलू की फसल में नुकसान हो सकता है। संवाद