न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पिछले चार दिनों से हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। अब तेज धूप के कारण किसानों को फसल के सड़ने का डर सता रहा है। बारिश में धान की फसल बुरी तरह बिछ गई है। बाजरा और कपास की फसल को भी नुकसान हुआ है। बारिश वजह से धान में करीब 50 फीसदी का नुकसान होने की बात कही जा रही है। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों ने नुकसान फीसदी के आंकड़े अभी जारी नहीं किए हैं। राजस्व विभाग बारिश से हुए नुकसान का आंकलन करने में जुटा है।
जिले में चार दिन बारिश होने के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार मौसम में हो रही बदलाव के कारण सुबह और शाम की ठंड भी बढ़ गई है। वहीं किसानों को अपनी फसल खराब होने की चिंता सता रही है। धूप न निकलने की वजह से बाजरा, कपास, मूंग, धान सूख नहीं पाए हैं। इस कारण इन फसलों के सड़ने का डर किसानों को ज्यादा सता रहा है। संवाद
हमारे द्वारा फसल बीमा वाले किसानों के नुकसान के आकलन के लिए सर्वे कराया जा रहा है। बाकी फसल, पशु, घर आदि के नुकसान का आकलन राजस्व विभाग की टीमें कर रही हैं।
-हंसराज सिंह, उप कृषि निदेशक, हाथरस।
लगातार हुई बारिश के कारण खेतों में कटी पड़ी धान की फसल पानी में डूब गई है। अब भले ही मौसम कुछ साफ हो गया है, लेकिन फसल में हुए जलभराव से नुकसान तो होगा।
-बालकिशन, किसान दरकई
इस बारिश से धान व बाजरा की फसल में नुकसान तो होगा ही, इसके कारण आलू की बुवाई में भी देरी हो रही है। जिसका असर आर्थिक रूप से भी पड़ेगा।
-डालचंद, गिजरौली
बारिश से किसान की बाजरा, धान, दलहनी फसलों में नुकसान है। कितना नुकसान हुआ है, इसका अभी आकलन किया जा रहा है। किसान खेत में भरे पानी को सूखने का इंतजार करें या फिर अगर की कोई व्यवस्था हो तो, उसे भी अपनाया जा सकता है। सब्जी की फसलों में भी इससे नुकसान हुआ है।
-डॉ. एके सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र।