सहपऊ: मृत किसान हरीशंकर का फाइल फोटो।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)।
कुदरत के कहर से हुई तबाही अब अन्नदाता के लिए जानलेवा साबित हो रही है। कोतवाली क्षेत्र के गांव बागपुर निवासी 69 वर्षीय किसान हरीशंकर चतुर्वेदी पुत्र थान सिंह चतुर्वेदी को आलू की फसल में हुए नुकसान को देखकर ऐसा सदमा लगा कि शुक्रवार की रात को उनकी मौत हो गई। किसान पर सिंडीकेट बैंक का करीब पांच लाख रुपये का कर्जा था।
हरीशंकर के बड़े पुत्र सतीश चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने अपने पूरे 22 बीघा खेत में आलू की फसल की थी। उनके पिताजी शुक्रवार की शाम को खेतों पर गए थे। खेतों में बारिश का पानी भरा हुआ था। घर आने के बाद वह चिंतित दिखाई दे रहे थे। उन्होंने शाम का खाना भी ठीक से नहीं खाया। रात को अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। परिवार के लोग हरीशंकर को इलाज के लिए आगरा ले गए, जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
सतीश ने बताया कि उनके पिता ने खेती के लिए सिंडीकेट बैंक से पांच लाख रुपयेे का कर्जा लिया था। उनकी मौत की सूचना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल था। इसकी सूचना प्रशासन को भी दी गई। क्षेत्रीय लेखपाल मंजुल मयंक को तहसील प्रशासन ने क्षति के आकलन के लिए मौके पर भेजा है।
किसान की मौत की सूचना पर उसके खेतों में बारिश से हुई क्षति का आकलन करने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजा गया था। नियमानुसार मृतक का पोस्टमार्टम होना अति आवश्यक था, जिससे उनको सरकारी मदद मिल सके, लेकिन परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। हम फिर भी मृतक किसान के परिजनों को सरकार मदद दिलवाने की पूरी कोशिश करेंगे।
-ज्योत्सना सिंह, तहसीलदार सादाबाद