हाथरस कांड : बिटिया प्रकरण की तारीख के चलते अधिवक्ता सीमा कुशवाहा की सुरक्षा के लिए खडे़ भीम आर्म?
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच चारों आरोपियों की न्यायालय में पेशी हुई। बिटिया का भाई भी सीआरपीएफ की सुरक्षा के बीच न्यायालय आया और वहां उसकी गवाही हुई। सीबीआई के वकील के अलावा वादी पक्ष की ओर से सीमा कुशवाहा भी सुरक्षा के बीच न्यायालय आईं। अब न्यायालय ने इस प्रकरण में अगली सुनवाई के लिए नौ सितंबर की तिथि नियत की है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल 14 सितंबर को चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ दुष्कर्म कर उसे जान से मारने का प्रयास किया गया था। इस युवती ने दिल्ली के एक अस्पताल में कुछ दिन बाद दम तोड़ दिया था। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था।
युवती की मौत से पहले ही पुलिस ने इस कांड के चारों आरोपियों संदीप, रवि, रामू और लवकुश को गिरफ्तार कर लिया था। यह चारों अभी भी अलीगढ़ जेल में बंद हैं। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी और चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया था। इसी न्यायालय में मामले की सुनवाई चल रही है।
पिछले दिनों हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मामले की कहीं और सुनवाई से इंकार कर दिया था। बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच चारों आरोपियों को पुलिस अलीगढ़ जेल से न्यायालय में लाई। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस के साथ-साथ पीएसी भी तैनात रही।
सीबीआई की ओर से वकील अनुराग मोदी के साथ वादी पक्ष की ओर से उनकी वकील सीमा कुशवाहा भी आईं। बिटिया का भाई भी सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय पहुंचा। वहां उसकी गवाही हुई। अभियुक्तों की ओर से उनके अधिवक्ता मुन्ना सिंह एडवोकेट भी मौजूद रहे। अब न्यायालय ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए नौ सितंबर की तिथि नियत की है। संवाद