हाथरस डिपो की बसों में टिकटाें के फर्जीवाड़े का खेल थम नहीं रहा। अब फिर से हाथरस डिपो की एक और बस में यात्रियों को फर्जी टिकट दिए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में एआरएम को व्हाट्सएप के जरिए फर्जी टिकटों के फोटो भेजकर शिकायत भी की गई है। रोजाना इस तरह के मामले सामने आने से रोडवेज अधिकारी सन्न हैं, वहीं परिचालकों में खलबली मची हुई है।
देवकी नंदन नाम के यात्री ने हाथरस के एआरएम और अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की है कि वह आगरा से अलीगढ़ के लिए हाथरस डिपो की बस संख्या 1781 में अपने छह साथियों के साथ सवार हुआ था। परिचालक ने सात टिकट दिए। इन टिकटों पर न तो किराया अंकित था और न ही कोई विवरण था। जबकि असली टिकट पर किराया सहित पूरा विवरण अंकित रहता है। इन टिकटों को लेकर जब मैने परिचालक से कहा तो परिचालक ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।
शिकायती पत्र में देवकी नंदन ने कहा है कि हाथरस डिपो की बसों में बड़े स्तर पर टिकटों में फर्जीवाड़ा हो रहा है। निगम आय को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। उसने पत्र में कार्रवाई की मांग की है। इधर, पिछले चार जून को भी हाथरस डिपो की बस संख्या 9054 में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। इस संबंध में अविनाश वशिष्ठ नाम के यात्री ने निगम के उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। हालांकि अभी तक इस मामले में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज न होने से कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
एक ही फोन नंबर से व्हाट्सएप के जरिए बसों में टिकटों के फर्जीवाड़े की शिकायत की जा रही है। बस संख्या 1781 में भी टिकटों के फर्जीवाड़े की शिकायत उनसे की गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। शिकायतकर्ताओं को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जाएगा।
विनोद कुमार, एआरएम, हाथरस डिपो।