न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बीएसए ने दो शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। दोनों पर ही स्कूल की धनराशि में हेराफेरी करने और फर्जी बिल बाउचर के साथ ब्लैंक चेक लगाने का आरोप है।
जिला समन्वयक एमडीएम एवं जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ने 15 अक्तूबर को प्राथमिक विद्यालय नगला कोठी का निरीक्षण किया था, जिसमें यह बात सामने आई कि प्रभारी प्रधानाध्यापक रविकुमार ने पुस्तकालय मद, कंपोजिट मद और एसएमसी से निर्गत अन्य धनराशियों में वित्तीय अनियमितता की है। इस बात के साक्ष्य भी मिले।
इसके अलावा पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार द्वारा एमडीएम का खाता संचालित पाया गया। प्रदीप कुमार के हस्ताक्षर युक्त ब्लैंक चेक भी स्कूल में मिले। बिल-बाउचर भी ब्लैंक पा गए। एमडीएम की धनराशि के आहरण में भी गंभीर वित्तीय अनियमितता मिलीं। इसे लेकर बीएसए ने रविकुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए उनको बीआरसी सादाबाद से संबद्घ किया है। इस मामले की जांच एबीएसए सादाबाद सुबोध कुमार को दी गई है। इसके अलावा जिला समन्वयकों द्वारा संविलियन विद्यालय खिजरपुर का निरीक्षण किया गया।
यहां पता चला कि प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार द्वारा कंपोजिट ग्रांट, एसएमसी के विभिन्न मदों में संदिग्ध बिल बाउचर प्रस्तुत किए गए हैं। अभिभावकों के खातों में भेजे जाने वाली एमडीएम की धनराशि के डीबीटी का कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं होने, यूनिफॉर्म वितवरण में लापरवाही और प्राथमिक विद्यालय नगला कोठी के खातों का अवैध रूप से संचालन करने एवं जानबूझ कर ब्लैंक चेकों पर हस्ताक्षर कर संबंधित को उपलब्ध कराने जैसी अनियमितताओं के चलते उनको निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रदीप कुमार को को बीआरसी हसायन से संबद्ध किया गया है।