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हाथरस : रंग-गुलाल, हींग से निराश उद्यमियों को पूजन सामग्री से आस

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हाथरस : हवन सामग्री। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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कोरोना संकट ने रंग-गुलाल की रंगत छीन ली तो अफगानिस्तान में राजनीतिक संकट ने हाथरस के हींग कारोबार की खुशबू छीन ली। कोरोना ने देश-विदेश में रंग गुलाल की मांग घटाई तो अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद हींग के लिए कच्चे माल की किल्लत गहरा गई। ऐसे में शहर के इन उद्यमियों ने अपने कारोबार को बचाए रखने के लिए पूजन सामग्री बनाने का विकल्प चुना है। नवरात्र से पहले इन उद्यमियों के कारखानों में बड़े पैमाने पर पूजन सामग्री तैयार हो रही है और देश भर में मांग के अनुरूप इसकी आपूर्ति भी की जा रही है। पूजन सामग्री बनाने के इस धंधे ने रंग-गुलाल और हींग कारोबारियों में मानो नई जान फूंक दी है।
उल्लेखनीय है कि सात अक्तूबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होनी है। देवी को प्रसन्न करने के लिए भक्त पूजन सामग्री की खरीदारी में जुटे हैं। भक्तों की इस मांग को भुनाने के लिए रंग-गुलाल और हींग के कारखानों में इन-दिनों रोली, चंदन, सिंदूर, कपूर, कलावा आदि सामग्री तैयार हो रही है। इस सामग्री की बड़े पैमाने पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान व अन्य राज्यों में आपूर्ति की जा रही है।
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पहले थी टैक्स मुक्त अब लग पांच प्रतिशत
कारोबारियों का कहना है कि पहले पूजन सामग्री करमुक्त थी। अब कारोबार ने रफ्तार पकड़ी तो सरकार ने इस पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगा दिया है। यदि पूजन सामग्री करमुक्त हो जाए तो कारोबार और बढ़ सकता है। हाथरस में एक दर्जन से अधिक कारखानों में पूजन सामग्री तैयार होती है।
ज्यादातर जगह जाता है खुला माल
हाथरस से रोली, चंदन, कपूर, कलावा, सिंदूर और हवन सामग्री आदि माल बड़े पैमाने पर खुले रूप में आपूत्रि होता है। मथुरा, आगरा व अन्य स्थानों के दुकानदार उस पर अपना मार्का लगाकर उसे बेचते हैं। पैकिंग कर कुछ लोगों द्वारा माल को निर्यात भी किया जाता है। पूजन सामग्री में जो जड़ी-बूटियां प्रयोग की जाती हैं, वह अब अन्य जगह भी मिल जाती हैं, इसलिए कुछ अन्य प्रदेशों में भी पूजन सामग्री का काम शुरू हो गया है।
अभी मध्यम है माल की खपत
पूजन सामग्री की नवरात्र में ज्यादा खपत होती है। अब भले ही कोरोना की रफ्तार धीमी हो गई है, लेकिन आज भी लोग भीड़ में जाने से बच रहे हैं। अनुष्ठान भी नहीं हो रहे हैं, इसलिए पूजन सामग्री की खपत वर्तमान में मध्यम बनी हुई है।
पूजन सामग्री पहले कर मुक्त थी। अब पांच प्रतिशत जीएसटी लगा दिया गया है। हाथरस से पूजन सामग्री मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि प्रांतों को भेजी जा रही है। कोरोना के चलते पूजन सामग्री की मांग इस बार मध्यम है। लोग अभी भी भीड़ में जाने से बच रहे हैं।
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-विनोद मित्तल कारोबारी
हाथरस से कपूर, रोली, चंदन, सिंदूर और कलावा की आपूर्ति छत्तीसगढ़, हरियाणा के अलावा देशभर में होती है। कोरोना के चलते रंग-गुलाल का काम काफी मंदा हो गया है, इसलिए अब लोगों ने ट्रेड बदलकर काम शुरू कर दिया है। पूजन सामग्री के आर्डरों को नवरात्र से पहले पूरा करने के प्रयास जारी हैं।
-देवेंद्र गोयल कारोबारी
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