संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिले में बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी हो रही है। इसके बाद भी करीब दो साल में बिजली टीमों ने हर माह करीब पांच सौ बिजली चोरों पर ही शिकंजा कसा है। बिजली थाने में 23 महीने में 11 हजार से अधिक बिजली चोर पकड़े गए हैं। जिनके खिलाफ मुकदमा भी लिखा गया है। करीब दो करोड़ रुपये का राजस्व व शमन वसूला गया है। खास बात यह है कि जब कोई बार बार बिजली चोरी करता है, तो उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने का प्रावधान भी है।
शहर से देहात तक 65 बिजलीघरों के जरिये दो लाख साठ हजार उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। हर रोज करीब सात सौ एमबीए बिजली की खपत होती है। इन सब व्यवस्थाओं पर बिजली चोर भारी पड़ रहे हैं। जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए सिंतबर 2020 बिजली थाना बनाया गया था।
उसके बाद बिजली टीमें सक्रिय हुई, लेकिन चोरी पर अंकुश नहीं लग सका। 23 माह में बिजली थाने में 11 हजार से अधिक मुकदमे लिखे गए। करीब दो करोड़ रुपये का राजस्व व शमन वसूल किया गया। औसतन बिजली टीमों करीब पांच सौ चोरी जिलेभर में पकड़ी हैं।
बिजली थाने में इन मुकदमों को दर्ज करने के बाद जांच चल रही है। इससे लगता है कि जिले में बना बिजली थाना लोगों में डर पैदा नहीं कर सका है। इस कारण जिला बकाया व बिजली चोरी में टॉप दस की सूची में शामिल हैं। इस मामले में बिजली एसओ अवधेश कुमार जादौन का कहना है कि 23 माह में 11 हजार से अधिक बिजली चोरी पकड़ी गई है। करीब दो करोड़ रुपये का राजस्व व शमन वसूला गया है।