न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में बेहतर विद्युत आपूर्ति की राह में जर्जर लाइनें रोड़ा बन रही हैं। शहर हो या देहात, हर जगह विद्युत लाइनों की हालत बेहद खराब है। विद्युत अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा लाइनों पर दबाव ज्यादा है। कई लाइनों पर दो से तीन विद्युत उपकेंद्र संचालित हो रहे हैं। इसी वजह से मशीनों में भी गड़बड़ी आ रही है। जिले में 157 किलोमीटर विद्युत लाइनों को बंच कंडक्टर में बदलने की योजना है। अगर योजना को अमलीजामा पहना दिया गया तो विद्युत आपूर्ति के यह व्यवधान काफी हद तक दूर हो जाएंगे।
जर्जर होने की वजह से ही आए-दिन लाइनों में फॉॅल्ट और तार टूटने की वजह से उपभोक्ताओं को आपूर्ति में व्यवधान का सामना करना पड़ता है। उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। जिले में 2.60 लाख उपभोक्ताओं को 64 बिजलीघरों के माध्यम से आपूर्ति की जाती है। कई साल पहले भी रिस्ट्रक्चर्ड एसिलिरेटेड पावर डवलपमेंट रिफॉर्म प्रोजेक्ट (आरएपीडीआरपी) के तहत विद्युत लाइनों पर नए तार डाले गए थे। वर्तमान में ये लाइनें जर्जर हो गई हैं। इस कारण आए दिन कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। इस कारण लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ता है। संवाद
एक लाइन में फॉल्ट से ठप हो जाते हैं तीन बिजलीघर
हाथरस। बीते दिनों आंधी और बारिश के दौरान मुरसान व सादाबाद क्षेत्र के 13 विद्युत उपकेंद्र ठप हो गए थे। कारण यह रहा एक एक लाइन पर दो से तीन बिजलीघर चल रहे हैं। यदि किसी लाइन में फॉल्ट हो जाए तो शटडाउन के दौरान दो से तीन बिजलीघर बंद हो जाते हैं। यदि इन बिजलीघरों के लिए अलग-अलग लाइन बना दी जाए तो जिले के काफी उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। इस मामले में अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा का कहना है कि विद्युत लाइन बदलने का प्रस्ताव भेजा गया है। लाइनों को दुरुस्त कराने के लिए पूरे प्रयास जारी हैं। संवाद
उपभोक्ताओं की जुबानी
कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। लाइन जर्जर हालत में है। इस कारण फॉल्ट भी बार-बार होते हैं। यदि लाइनें बदली जाएं तो काफी हद तक राहत मिलेगी। -मुकुल कुमार, उपभोक्ता
बिजली की लाइनें वर्तमान में काफी जर्जर हालत में हैं। लाइनें अधिक भार नहीं ले पाती हैं। इस कारण बार बार बिजली की आंख-मिचौनी का खेल चलता रहता है।
-विजय कुमार, उपभोक्ता
यदि लाइनें बदली जाएं तो काफी हद तक बिजली व्यवस्था में सुधार आ जाएगा। बिजली की लाइनें जर्जर हालत में है। इस कारण आए-दिन कई कई घंटे बिना बिजली के रहना पड़ता है। -बलवीर वर्मा, उपभोक्ता