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हाथरस : जिन घरों में नहीं है फुलवारी, वहां आठ गुना ज्यादा बीमारी

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हाथरस : ग्राम रूहल में शोध करते उच्च प्राथमिक विद्यालय के बाल वैज्ञानिक। संवाद - फोटो : SASNI
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
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राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के बैनर तले उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को क्षेत्र के गांव रूहल में तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें छात्रों ने घर-घर जाकर बीमारियों का तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि फुलवारी वाले घरों की अपेक्षा सामान्य घरों में आठ गुना ज्यादा लोग बीमारी से पीड़ित हैं। इन घरों में अनिद्रा, सिर दर्द, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां अधिक पाई गई।
29वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में प्रतिभाग करने के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय के वैज्ञानिक आदित्य प्रताप सिंह व भारत मिश्र ने रूहल के 20 परिवारों की तुलनात्मक अध्ययन की। जिसमें दस फुलवारी वाले व दस बिना फुलवारी वाले घरों को लिया गया। इसमें यह निष्कर्ष निकला कि जिन घरों में फुलवारी नहीं लगी है वहां के लोग फुलवारी वाले घरों की अपेक्षा आठ गुना ज्यादा बीमार हैं। छात्रों ने बताया कि फुलवारी से बीमारियां दूर रहती है, लोगों का मन प्रसन्न रहता है, इसलिए बीमारियां कम होती है।
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इस अध्ययन में डॉ पुष्पेंद्र सिंह ने छात्रों का मार्ग दर्शन किया। इसके अलावा रूद दत्त शर्मा, भूपेंद्र मिश्र, हरीमोहन मिश्र, प्रताप सिंह, रामकुमार, भूपेंद्र चौधरी, जय गोपाल, शुभम चौधरी, कोमल सिंह, हरेंद्र सिंह, अमित कुमार, लोकेश कुमार, मकरध्वज, मुकेश सिंह, राजू मिश्र, आशीष अग्रवाल, ऋषिपाल, पंकज मिश्र, चंद्रवीर, गुलाब सिंह, रवेंद्र कुमार आदि का सहयोग रहा। संवाद
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