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हाथरस: एक दर्जन ग्राम पंचायतों व कई शहरी इलाकों में लटकी आर्थिक गणना

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एक दर्जन ग्राम पंचायतों, कई शहरी इलाकों में लटकी आर्थिक गणना
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क्षेत्रीय लोगों ने डाटा देने से किया इंकार, उच्चाधिकारी नहीं बरत रहे गंभीरता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले में की एक दर्जन ग्राम पंचायतों व शहरी इलाकों में 7 वीं आर्थिक गणना का काम अधर में लटक गया है। इस गणना के लिए इन क्षेत्रों में लोगों द्वारा डाटा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इसे लेकर सीएससी प्रबंधक ने विगत में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। डाटा नहीं मिलने के कारण ऑनलाइन ऐप के माध्यम से गणना का डाटा शासन को नहीं पहुंच पा रहा है।
शासन के निर्देश पर सातवीं आर्थिक गणना का कार्य सीएससी ई-गर्वनेंस से कराया जा रहा है। इस बार आर्थिक गणना पेपरलेस माध्यम से ऑनलाइन ऐप के जरिये की जा रही है। इसके लिए सीएससी संचालकों को सुपरवाइजर और एनुमेटर बनाया गया है। यह सुपरवाइजर व एनुमेटर क्षेत्रों में भ्रमण कर आर्थिक गणना का सर्वे किया जा रहा है। जिले में अब तक करीब 100 ग्राम पंचायतों में आर्थिक गणना का काम पूरा हो चुका है। सीएससी ई गर्वनेंस के प्रबंधक व सुपरवाइजर आर्थिक गणना के अधर में लटके होने को लेकर परेशान हैं।
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इस संबंध में सीएससी ई गर्वनेंस प्रबंधक ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है कि जिले की करीब एक दर्जन ग्राम पंचायतों व शहरी इलाकों में कई स्थानों पर लोगों द्वारा डाटा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस कारण इन क्षेत्रों आर्थिक गणना नहीं हो पा रही है। गणना न होने के कारण शासन को ऑनलाइन डाटा नहीं भेजा जा रहा है।
इन क्षेत्रों में अटका आर्थिक गणना का काम
ब्लॉक सादाबाद में इस्लामनगर, मोहल्ला व्यापारियान, मोहल्ला इदगाह, ब्लॉक हसायन में नगला मियां पट्टी देवरी, शहबाजपुर, पुरदिलनगर, फतेहपुर, फतेहपुर, सिकंदराराऊ में आरिफपुर भोगपुर, नौखेल, नौरंगाबाद, मोहल्ला कुरैशियान, हाथरस क्षेत्र में नगला मियां, चामड़ गेट क्षेत्र आदि ।
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कई ग्राम पंचायतों में आर्थिक गणना बंद पड़ी हुई है। लोगों द्वारा डिटेल नहीं दी जा रही है। इस संबंध कई बार उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है, लेकिन अभी तक कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
-प्रदीप सिंह, सीएससी प्रबंधक
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