न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिजली की दरों के मौजूदा स्लैब में बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। यदि स्लैब में बदलाव हुआ तो जिले के 2.60 लाख उपभोक्ताओं की जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय है। हालांकि अधिकारियों की नजर में इस स्लैब से किसानों और भारी उद्योगों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बिजली अधिकारियों का कहना है कि बिजली कंपनियों से सरकार को वर्तमान में बिजली महंगी मिल रही है। खपत के हिसाब से निगम को राजस्व नहीं मिल रहा है। इस कारण बिजली दरों में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि जिले के 64 बिजलीघरों के जरिये करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है। लोकल स्तर पर अधिकारी कह रहे हैं कि निगम में राजस्व न आने के कारण पैसे की कमी हो गई है। इस कारण नियामक आयोग बिजली दरों का टैरिफ बनाता है। जल्द ही इसमें बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।