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हाथरस : कच्चे माल पर आयात शुल्क खत्म होने से और महकेगी हाथरस की हींग

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हाथरस : एक फैक्टरी में तैयार होकर सूखती हींग। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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हींग के कच्चे माल पर आयात शुल्क हटाने से हाथरस के हींग उद्यमी बेहद खुश हैं। अब हींग के कच्चे माल को जीएसटी के दायरे में लाया गया है। इस पर उद्यमियों का कहना है कि सरकार का यह कदम काफी अच्छा है। इससे हाथरस की हींग की खुशबू और महकेगी।
उल्लेखनीय है कि हाथरस हींग निर्माण का बड़ा केंद्र है। हींग के कच्चे माल की आपूर्ति यहां अफगानिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान आदि देशों से होती है। जानकार बताते हैं कि वहां से रेजीन (दूध) आता है और यह वहां पाए जाने वाले एक पौधे में निकलता है। इसको हींग में बदलने का काम हाथरस में होता है। यहां हींग की चार दर्जन से ज्यादा फैक्टरियां हैं।
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हींग के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इसे यहां वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडेक्ट में भी शामिल किया जा चुका है। अफगानिस्तान की हिंसा के चलते यहां उद्यमियों को हींग के लिए कच्चे माल बड़ी मुश्किल से उपलब्ध हो पा रहा था। पहले कच्चे माल पर 20 फीसदी आयात कर व अन्य शुल्क लगता है। अब इस आयात शुल्क को समाप्त कर इसे जीएसटी के दायरे में लाया गया है। आयात शुल्क के बजाय अब इस पर पांच फीसदी जीएसटी लगेगा। उद्यमियों को उम्मीद है कि इससे यहां का हींग उद्योग और पनपेगा। संवाद
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सांसद ने संसद में उठाया था मुद्दा, हींग उद्यमियों ने सांसद का जताया आभार
हाथरस। सांसद राजवीर सिंह दिलेर ने पूर्व में संसद में हींग पर कच्चे माल का आयात शुल्क समाप्त करने की मांग की थी। उन्होंने आयात शुल्क को कम करने और हींग के निर्यात को प्रोत्साहन देने की मांग की थी। हाथरस हींग एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, सचिव सचिन गोयल, कोषाध्यक्ष हरीश खंडेलवाल, मीडिया प्रभारी मनोज अग्रवाल का कहना है कि सांसद के प्रयास के चलते हींग के कच्चे माल पर आयात शुल्क हटा है। एसोसिएशन ने सांसद को धन्यवाद प्रेषित किया है। संवाद
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