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हाथरस : बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में चिकित्सक की हुई गवाही

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हाथरस : बिटिया प्रकरण की तारीख के चलते जिला न्यायालय में जाते चारों आरोपी। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को चारों आरोपियों को न्यायालय में पेशी हुई। उन्हें कड़ी सुरक्षा में पुलिस अलीगढ़ जेल से लेकर आई। न्यायालय में सफदरजंग अस्पताल दिल्ली के एक चिकित्साधिकारी की गवाही भी हुई। कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रही। वहीं न्यायालय ने इस मामले में अब सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तिथि नियत की है। न्यायालय ने अब तीन मोबाइल फोन कंपनियों बीएसएनएल, एयरटेल और वीआई के नोडल अधिकारियों को बुलाया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल 14 सितंबर को चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ कुछ युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे जान से मारने का प्रयास किया था। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इस युवती की कुछ दिन बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस युवती की मौत से पहले ही पुलिस चारो आरोपियों संदीप, रवि, रामू व लवकुश को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। तब से लेकर अभी तक चारों आरोपी अलीगढ़ जेल में ही निरुद्ध हैं। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया था।
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इस न्यायालय में इस मामले की सुनवाई चल रही है। बृहस्पतिवार को फिर पुलिस चारों अभियुक्तों को अलीगढ़ जेल से कड़ी सुरक्षा में न्यायालय लेकर आई और इनकी पेशी हुई। वहीं सफदरजंग अस्पताल दिल्ली के प्रोफेसर फॉरेंसिक मेडिसन डॉ. गौरव वी.जैन की कोर्ट में गवाही हुई। डॉ. जैन उस पैनल में शामिल थे, जिसने मृतका के शव का पोस्टमार्टम किया था।
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न्यायालय में बिटिया पक्ष की ओर से अधिवक्ता महीपाल सिंह निमहोत्रा, आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर व सीबीआई की ओर से अनुराग मोदी मौजूद थे। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में बिटिया के पिता को फिर से गवाही के लिए बुलाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। बिटिया पक्ष के अधिवक्ता महीपाल सिंह ने बताया कोर्ट ने इस पर बिटिया के पिता को रिकॉल करने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले में सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तिथि नियत की गई है। संवाद
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