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हाथरस : स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की धीमी गति से डीएम खफा

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हाथरस : कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य, वन विभाग, बेसिक शिक्षा, विद्युत विभाग के कार्यों की समीक? - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जिलाधिकारी (डीएम) रमेश रंजन ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, बेसिक शिक्षा, विद्युत विभाग के अंतर्गत विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने संचालित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने एवं निर्माण कार्यों में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति खराब होने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, एफआरयू, जननी सुरक्षा योजना, जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के निर्माण की समीक्षा की। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने बताया कि आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले में कुल लाभार्थी परिवारों की संख्या 70360 है और कुल लाभार्थियों की संख्या 3,97,744 है। जिले में 1,40,167 गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति 35.24 प्रतिशत है।
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आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति खराब होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। पीएम मातृत्व वंदना योजना में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष भुगतान की प्रगति संतोषजनक न होने पर डीएम ने लंबित भुगतान को लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। डीएम ने निर्माणाधीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की प्रगति का जायजा लेते हुए लंबित एवं अवशेष कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) ने बताया कि वर्षाकाल-2022 के लिए पांच जुलाई को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 60 प्रतिशत पौधों का रोपण किया जाना है।
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अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) विद्युत ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में ओवरलोडिंग की समस्या को खत्म करने के लिए विभाग द्वारा फीडर वाइफरकेशन योजना चलाई जा रही है। इसके तहत देहात क्षेत्रों में अलग-अलग लाइन डाली जाएगी। इसके बाद घरों व नलकूपों की बिजली अलग हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन प्राथमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विद्युत की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित नहीं है। प्राथमिकता के आधार पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से समन्वय स्थापित करते हुए सूची प्राप्त कर प्राथमिकता के आधार पर उन विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन कराते हुए विद्युत संचालित कराने के निर्देश दिए। संवाद
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