न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अमृत योजना के तहत नगर के लिए फीकल स्लज मैनेजमेंट सॉल्यूशन (एफएसटीपी) के लिए 32 केएलडी क्षमता के एफएसटीपी के निर्माण कार्य का जिलाधिकारी रमेश रंजन ने निरीक्षण किया। कार्य की धीमी प्रगति होने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
अधिशासी अभियंता जल निगम आरके शर्मा ने बताया कि योजना का निर्माण उत्तर प्रदेश जल निगम निर्माण खंड द्वारा 27 अक्तूबर 2020 से शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्य की लागत 4.286 करोड़ रुपये है। कार्य की समाप्ति 26 अप्रैल 2021 निर्धारित की गई थी। निरीक्षण में पाया गया कि कार्यदायी संस्था द्वारा अभी तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 35 प्रतिशत कार्य किया गया है।
कार्य की धीमी प्रगति होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाने एवं विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। नगर पालिका द्वारा यमुना प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल यूनिट आगरा के परियोजना प्रबंधक लोकेश शर्मा और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को एसटीपी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने के लिए भूमि का मौका मुआयना करने के पश्चात रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने किया निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण
हाथरस। तालाब चौराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का डीएम रमेश रंजन ने निरीक्षण किया। इस दौरान उपस्थित सहायक अभियंता एसके सुमन ने बताया कि निर्माणाधीन पुल का कार्य 10 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जाएगा। स्लैब और डामरीकरण का कार्य शेष है। डीएम ने अवशेष कार्य को समय पूर्ण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी आरबी भास्कर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका हाथरस डॉ. विवेकानंद आदि उपस्थित रहे। संवाद