फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : जिला अस्पताल परिसर में बनेगी डायलिसिस यूनिट

विज्ञापन
विज्ञापन
घनश्याम सिंह
विज्ञापन

हाथरस। गुर्दे से जुड़े रोगों से पीड़ितों को आने वाले दिनों में डायलिसिस के लिए अब दूसरे शहरों में नहीं भागना पड़ेगा, क्योंकि जल्द ही जिला अस्पताल परिसर में डायलिसिस की यूनिट लगने वाली है। शासन के निर्देश के बाद विभागीय अधिकारी इसके लिए जगह चिन्हित करने में जुट गए हैं।
गुर्दे से जुड़े रोगों, लंबे समय से मधुमेह के रोगी और उच्च रक्तचाप जैसी स्थिति के गंभीर रोगी को लेकर डायलिसिस के लिए जिले के लोगों को दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़ती थी। इसमें उनके समय और धन की बर्बादी होती थी, लेकिन आने वाले समय में शायद खर्च व समय दोनों की ही बचत हो जाए, क्योंकि शासन ने जिला अस्पताल परिसर में डायलिसिस यूनिट लगाए जाने की मंजूरी दे दी है। अब बस जिला अस्पताल परिसर में जगह का चुनाव किया जाना है। इसे लेकर विभागीय अधिकारी जगह का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी में जुटे हुए हैं। संवाद
विज्ञापन

दो प्रकार की होती है डायलिसिस
हीमोडायालिसिस
इस प्रकार के डायलिसिस में हीमो डायलिसिस मशीन, विशेष प्रकार के क्षारयुक्त द्रव की मदद से कृत्रिम किडनी में खून को शुद्ध करता है।
पेरीटोनियल डायलिसिस
इस प्रकार के डायलिसिस में पेट में एक खास प्रकार का केथेटर नली डालकर विशेष प्रकार के क्षारयुक्त द्रव की मदद से शरीर में जमा हुए अनावश्यक पदार्थ को दूर कर शुद्धिकरण किया जाता है।
ऐसे रोगियों को पड़ती है डायलिसिस की जरुरत
डायलिसिस रक्त शोधन की एक कृत्रिम विधि होती है। इस डायलिसिस की प्रक्रिया को तब अपनाया जाता है, जब किसी व्यक्ति के वृक्क यानि गुर्दे सही से काम नहीं कर रहे होते हैं। गुर्दे से जुड़े रोगों, लंबे समय से मधुमेह के रोगी, उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों में कई बार डायलसिस की आवश्यकता पड़ती है।
विज्ञापन

डायलिसिस यूनिट लगाए जाने के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में जमीन का चुनाव कर प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द डायलिसिस यूनिट तैयार हो जाए और जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके।
-डॉ. चंद्रमोहन चतुर्वेदी, सीएमओ हाथरस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें