हाथरस। तो क्या बेसिक शिक्षा विभाग में आकस्मिक अवकाश (सीएल) के नाम पर घपला हो रहा है। जिले के दर्जनभर से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं के ऑनलाइन पोर्टल पर सीएल बढ़ा दी गई हैं। इस संबंध में शासन से आए पत्र के बाद बीएसए ने संबंधित विकास खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को पत्र लिखकर जांच करने और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सभी प्रकार के अवकाश अब ऑनलाइन स्वीकृत किए जाने का दौर चल रहा है। इसमें एक शिक्षक को एक साल में मिलने वाले 14 आकस्मिक अवकाश भी शामिल हैं। इन अवकाशों को लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं परियोजना निदेशक द्वारा भेजे गए पत्र से ऐसा लग रहा है कि सीएल के नाम कहीं घपला तो नहीं हुआ है, क्योंकि पत्र में दिए गए मानव संपदा पर लिए गए अवकाश के आधार पर अवशेष अवकाशों के बाद भी ब्लॉक स्तर पर परिवर्तन कर पूरे 14 अवकाश अवशेष दर्शा दिए गए हैं।
ऐसा विकास खंड स्तर पर करेक्शन आईडी से किया गया है, जिसमें विकास खंड हसायन, मुरसान, सहपऊ, सासनी और सिकंदराराऊ के स्कूलों के 13 शिक्षकों के नाम शामिल हैं। संवाद
इन शिक्षक-शिक्षिकाओं की सीएल में है गड़बड़
हाथरस। विकास खंड हसायन शिक्षक सिंह पाल सिंह, विकास खंड हाथरस की शिक्षिका रेखा, विकास खंड मुरसान की शिक्षिका अर्चना कुमारी व कमलेश कुमारी, शिक्षक पवन कुमार माहौर, शिक्षिका प्रिया शर्मा, शिक्षिका साक्षी अग्रवाल, शिक्षिका शिल्पी गौड़, विकास खंड सहपऊ के शिक्षक लक्ष्मीनारायण, सासनी के शिक्षक विवेक कुमार सारथी, सिकंदराराऊ के शिक्षक अख्तर अली, नीतेश कुमार की सीएल में गड़बड़ है। संवाद
इस संबंध में शासन से एक पत्र प्राप्त हुआ था। इसे लेकर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को जांच करने के निर्देश देते हुए दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया है। इसकी रिपोर्ट दो सितंबर तक मांगी गई है, ताकि शासन को भी इसकी रिपोर्ट भेजी जा सके।
-शाहीन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।