फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : तीन घंटे ठप रही जिला अस्पताल की बिजली, मरीज रहे बेहाल

विज्ञापन
हाथरस : बागला जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बिजली न आने पर हाथ के पंखे से मरीज की हवा करते तीमारदार। - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

जिला अस्पताल के फीडर में आई खराबी के चलते लगातार तीन घंटे तक जिला अस्पताल की बिजली बाधित रही। इस बीच बिजली से चलने वाली जिला अस्पताल की मशीनरी ठप पड़ी रही। बिजली न आने से अस्पताल में भर्ती मरीज काफी परेशान रहे। गर्मी के कारण मरीजों के अलावा अस्पताल के अधिकारी व कर्मचारी भी परेशान रहे।
जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति बिना रुके चालू रखने के लिए यहां अलग से फीडर है, फिर भी पिछले तीन दिन से जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। कई घंटे तक बिजली नहीं आती है तो कभी बिजली आती तो है, लेकिन वोल्टेज इतने कम आते हैं कि यहां मशीनरी को चलाना तो दूर, पंखे तक ठीक से नहीं चल पाते हैं। ऐसा ही कुछ नजारा शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में देखने को मिला। यहां अस्पताल खुलने के समय से लेकर दोपहर 12 बजे बिजली आपूर्ति बाधित रही। जानकारी करने पर यह पता चला कि फीडर में फॉल्ट होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही है। शुक्रवार को बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इस फॉल्ट को ठीक करने पहुुंचे। संवाद
विज्ञापन

हम तो जब से अस्पताल आए हैं। तभी से यहां बिजली नहीं है। अब अपने मरीज को गर्मी से राहत दिलाने के लिए हाथ के पंखे का सहारा लेना पड़ रहा है।
-मुनीश कुमार, तीमारदार
पता नहीं अस्पताल की बिजली क्यों कट गई है, जबकि गर्मी में बिना बिजली के बुरा हाल हो रहा है। ऐसे में क्या करें, समझ में नहीं आ रहा। बहुत दिक्कत हो रही है।
-उमेश कुमार, मरीज
मेरे बच्चे की तबियत खराब थी। सुबह से दोपहर हो गई, लेकिन इमरजेंसी में बिजली नहीं होने के कारण यहां के पंखे भी नहीं चल रहे हैं। हवा के लिए भी तरस रहे हैं।
विज्ञापन

-सुधा, तीमारदार
एक तो बीमार हैं, ऊपर से अस्पताल में बिजली न होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। हाथ के पंखे का ही सहारा है। गर्मी के कारण हाल-बेहाल है।
-रीना, मरीज
अस्पताल के फीडर में फॉल्ट होने के कारण तीन दिन से अस्पताल की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को सूचना दी गई थी कि सुबह तीन घंटे बिजली बंद रहेगी, क्योंकि फीडर में आए फॉल्ट को ठीक करने के लिए जेई व विभागीय लोग आए थे।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें