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हाथरस : जमीन के अधिग्रहण को लेकर कार्यदायी संस्था-किसानों में विवाद

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
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राष्ट्रीय राजमार्ग 91 पर गांव रतिभानपुर से आगे आरामगाह बनाने की जमीन के अधिग्रहण को लेकर निर्माणदायी संस्था ब्रिज गोपाल कंस्ट्रक्शन के अधिकारियों से सोमवार को किसानों की तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस बल लेकर गए अधिकारी किसानों के विरोध के चलते लौट गए। किसानों ने उन्हें जमीन की नाप नहीं करने दी। किसानों का कहना था कि बिना अधिग्रहण के निर्माणदायी संस्था जमीन लेनी चाहती है। अब मामला एडीएम के यहां भेजा गया है।
बता दें कि एक योजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) निर्धारित दूरी पर आरामगाहों का निर्माण करा रही है। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान थकान होने पर आराम देने का है। यहां पेट्रोल पंप ढाबा, चाय और नाश्ते का इंतजाम होगा। एटा रोड स्थित गांव रतिभानपुर के समीप इसके निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया। सोमवार को एनएच निर्माण इकाई के वेंकटेश और योगेश यादव पुलिस बल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे। बताया गया कि कुछ किसान जमीन का अधिग्रहण नहीं करने दे रहे हैं।
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मौके पर मौजूद गांव रतिभानपुर के किसान सुरेशचंद्र, उपेंद्र, भूरी देवी, बबलू, योगेश, वीरराज सिंह ने बताया कि भ्रम की स्थिति निर्माण करने वाले पैदा कर रहे हैं। कभी जमीन को कहीं से नापकर निशान लगाया तो आज दूसरी जगह निशान लगा रहे हैं। पहले जो चिह्न लगाया गया था, वहां की जमीन उन्होंने छोड़ दी थी। एक किसान का कहना था कि उनकी जगह के अधिग्रहण के लिए न तो गजट निकला है और न हीं उनको भुगतान मिला है तो वह जमीन कैसे दे दें। काफी देर तक जद्दोजहद के बाद तय किया कि एडीएम के यहां जाकर कागजात देखे जाएंगे। वहां से निर्धारित होगा कि किसकी कितनी जमीन अधिग्रहीत की गई है। संवाद
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