न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में कभी दिन में तो कभी रात में बिजली कटौती से लोगों का हाल बेहाल है। शहर से देहात तक जर्जर लाइनों में फॉल्ट के चलते हर रोज कई कई घंटे बिजली गुल हो रही है। बिना बिजली के लोगों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। पर्याप्त बिजली न मिलने से लोगों में गुस्सा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में कई साल पहले आरएपीडीआरपी योजना के तहत बंच कंडक्टर लाइन डाली गई थी। समय के साथ यह लाइनें जर्जर हालत में हो गई है। साथ ही बिजली विभाग के बेड़े में करीब दस हजार उपभोक्ता भी शामिल हो गए हैं। इससे सिस्टम पर लोड भी बढ़ गया है।
मंगलवार को ओढ़पुरा, गिजरौली, प्रगतिपुरम, कांशीराम टाउनशिप, वाटरवर्क्स आदि सबस्टेशनों से निकलने वाली लाइनों में आए दिन फॉल्ट हो गए। वहीं, देहात के सलेमपुर, नगला रति, वाहनपुर, उघई, चंदपा, मुरसान आदि सबस्टेशनों से निकलने वाली लाइनों में ब्रेक डाउन के चलते लोगों को करीब तीन से चार घंटे बिना बिजली के रहना पड़ा।
बिना बिजली के लोग काम नहीं कर पा रहे हैं। वहीं किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण लोगों को खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि जो लाइनें जर्जर हालत में है। उनको जल्द रिवेम्प स्कीम में बदलवाया जाएगा। संवाद
- बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन कई कई घंटे बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभाग समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। इस कारण दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। - सुनील कुमार
- लाइनें जगह-जगह जर्जर हालत में झूल रही है। आए दिन लाइनों में फॉल्ट होते हैं। इस कारण काफी काफी देर तक बिजली गायब हो रही है। बिना बिजली के मुश्किलें हो रही है। कई बार लाइन बदलवाने की मांग की आज तक कुछ नहीं हुआ है। - पुनीत कुमार
- कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। विभाग को राजस्व का तो ध्यान रहती है, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति पर अधिकारियों का कतई ध्यान नहीं है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। - रवि कुमार
- सबस्टेशन से बिजली की आपूर्ति पर्याप्त देने की बात कही जाती है। लाइनमैन शटडाउन का खेल खेलते हैं। इस कारण बिजली पूरे दिन आंख मिचौली का खेल खेलती है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। - मुस्ताक।