हाथरस: शहर के मोती बाजार व लोहट बाजार में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लॉकडाउन के दौरान रोजाना की भांति दोपहर 11 बजे तक तो शहर में लोगों की भीड़ दिखी। कई स्थानों पर जाम भी लगा लेकिन उसके बाद सड़कें वीरान हो गई। इक्का-दुक्का आदमी ही नजर आया। बैंकों के बाहर जरूर भीड़ लगी रही।
उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान रोजाना दोपहर 11 बजे तक ही बाजार खोलने की अनुमति है। ऐसे में सुबह 11 बजे तक बाजारों में भीड़ लगी। जमकर दोपहिया वाहन भी चले। लोगों ने जरूरी सामान की खरीददारी की। शहर के बागला कॉेलेज मार्ग पर जब एक रेलवे इंजन निकला और फाटक बंद हो गया तो जाम भी लग गया लेकिन इसके बाद भीड़ छंट गई। दोपहर 11 बजे के बाद दुकानें बंद हो गई। जिन दुकानों को दुकानदारों ने बंद नहीं किया। उन्हें पुलिस ने सख्ती से बंद करा दिया। बैंकों व श्रम कार्यालय के बाहर भीड़ लगी रही। यही स्थिति राशन की दुकानों पर रही।
फिर सामाजिक दूरी के नियम को भूल गए लोग
हाथरस। इक्का-दुक्का जगह को छोड़ दें तो ज्यादातर स्थानों पर सोशल डिस्टेंस की धज्जियां ही उड़ती दिखाई दी। सामान खरीदते वक्त हो या फिर इसे समाजसेवियों द्वारा वितरित किए जाते वक्त। लोगों ने सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रखा। बैंकों के बाहर लगी कतारें, श्रम कार्यालय पर उमड़ी भीड़ और राशन की दुकानों के बाहर जमा लोग ने भी दूरी का ध्यान नहीं रखा। अलबत्ता कुछ स्थानों पर सामाजिक दूरी का पालन किया गया।