न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति, उसके बेटे व भतीजे पर हमला करने वाले तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए न्यायालय ने पांच-पांच साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार भूरी सिंह पुत्र तेज सिंह निवासी सिंचावली सानी थाना हसायन पर आठ अक्तूबर 2008 को शाम छह बजे गांव के ही कुछ नामजदों ने जातिसूचक गालियां देकर फरसा और लाठी से हमला कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर जब भूरी सिंह का लड़का धीरज और भतीजा आया तो इन लोगों ने उन पर भी हमला कर दिया। घायलों को उपचार के लिए बागला अस्पताल में दाखिल कराया गया। जब भूरी सिंह के सिर का एक्स-रे हुआ तो उसमें फ्रैक्चर आया।
पुलिस ने इस मामले में देशबंधु, गोपाल, शाहबुद्दीन व पप्पू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। इस दौरान पप्पू की मौत हो गई। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश, एससी-एसटी एक्ट, हाथरस बीडी भारती के न्यायालय में हुई। न्यायाधीश ने आरोपियों देशबंधु पुत्र विशनस्वरूप, गोपाल पुत्र देशबंधु व शाहबुद्दीन पुत्र हमीद खां निवासीगण सिंचावली सानी को दोषी मानते हुए पांच-पांच साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।