हाथरस : राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को मूंगा-मोती के बारे में जानकारी देते पुरदिलनगर के लोग।
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
हैंडीक्राफ्ट्स ग्लास बीड्स चैटंस (मूंगा-मोती) एसोसिएशन के महासचिव विष्णुकांत दीक्षित ने बुधवार को अलीगढ़ आईं सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात कर उन्हें पुरदिलनगर के मूंगा-मोती उद्योग की बदहाली से वाकिफ कराया और इस उद्योग को बदहाली से उबारने के लिए मदद की गुहार लगाई। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट (ओडीओपी) योजना के तहत कांच के काम को जिले का उत्पाद घोषित कराया जाए।
बता दें राज्यपाल ओडीओपी योजना के तहत ऋण वितरण करने के लिए अलीगढ़ पहुंची थीं। सर्किट हाउस में कस्बा पुरदिलनगर के विष्णुकांत दीक्षित ने उन्हें कस्बे के कांच उत्पाद दिखाते हुए बताया कि एक समय था जब कि इस काम से पूरे क्षेत्र के हजारों युवकों को रोजगार मिलता था। गांव के किसानों के बच्चे भी इस काम में लगे थे, लेकिन इस ओर ध्यान न दिये जाने के कारण चीन के कांच उत्पादों ने कस्बे के इस उद्योग का बंटाधार कर दिया। ऐसा नहीं था कि यहां के उत्पाद घटिया थे, बल्कि इसके पीछे चीन की मशीनों, कच्चे माल की उपलब्धता और सरकार द्वारा ऊर्जा का प्रबंध करना रहा।
हालात यहां तक बदतर हैं कि जो कारीगर मूंगा-मोती बनाते थे, अब वह गुजर-बसर के लिए मजदूरी करने पर मजबूर हो गए हैं। अब केवल दस फीसदी ही काम कस्बे में बचा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस उद्योग को मूंगा मोती को ओडीओपी में शामिल कर दे तो इसकी हालत सुधर सकती है और इसके पुराने दिन फिर से लौट सकते हैं। इस मौके पर विकेंद्र उपाध्याय, अश्विनी पाठक, वीरेश शर्मा, गणेश आदि मौजूद थे।