न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्रदेश सरकार ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए हर जिले में बिजली थाना तो खोल दिया। बिजली थाने में अब तक करीब चार हजार उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी अभी तक बिजली थाने के कर्मियों ने अभी तक इन मामलों में चार्जशीट नहीं लगाई है। इस कारण बिजली महकमे का लाखों रुपये का शमन शुल्क का भुगतान फंसा हुआ है। अधीक्षण अभियंता ने इस स्थित से डीवीवीएनएल की एमडी और एसपी विजिलेंस को अवगत कराया है। इस मामले में बिजली थाने के कर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि शहर में 40 प्रतिशत और देहात में करीब 60 फीसदी बिजली चोरी हो रही है। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए खोला गया थाना भी बिजली चोरी करने वालों में डर पैदा नहीं कर सका है, क्योंकि चार हजार से अधिक मामले दर्ज होने के बाद भी आज तक बिजली थाने के कर्मचारियों ने इन मामलों में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है।
इस कारण बिजली महकमे का अच्छा-खासा बकाया बिजली चोरी करने वालों पर फंसा हुआ है। बिजली थाने के कर्मियों की हीलाहवाली की शिकायत अब आला अफसरों तक पहुंच गई है। अधीक्षण अभियंता हरीमोहन का कहना है कि बिजली थाने के कर्मियों द्वारा चार्जशीट लगाने में हीलाहवाली बरती गई है। इस मामले में निगम की एमडी और एसपी विजिलेंस को अवगत कराया गया है।