संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
चंदपा क्षेत्र के गांव बिसाना में सोमवार की रात्रि में दो पक्षों में हुई मारपीट, पथराव और फायरिंग और उसके बाद एक पक्ष के एक नामजद राजकुमार की पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले में तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
सोमवार की रात्रि में चंदपा क्षेत्र के गांव बिसाना में दो पक्षों में पुरानी रंजिश के बाद कहासुनी हुई। यह कहासुनी तब हुई, जब एक युवक दूसरे पक्ष की महिलाओं के सामने पेशाब कर रहा था। इस दौरान जमकर मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई। कई लोग घायल हो गए।
कोतवाली निरीक्षक चतर सिंह राजौरा मय फोर्स के वहां पहुंचे थे। बाद में सीओ सिटी मनोज कुमार शर्मा भी कई थानों की फोर्स के साथ आ गए थे। पुलिस ने वहां से दो लोगों को हिरासत में ले लिया था। इसमें से एक नामजद राजकुमार चौहान उर्फ राजू पुत्र जुल्फी सिंह की पुलिस की कस्टडी में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
वह आरएसएस का कार्यकर्ता भी था। बिसाना में हुए झगड़े और राजू की पुलिस हिरासत में हुई मौत को लेकर अब तक तीन मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसमें रात्रि में हुए मारपीट, पथराव व फायरिंग का मुकदमा एक पक्ष की ओर से राजू के भाई महाराज सिंह ने दर्ज कराया।
इसमें उसने भूरा, राहुल, कुंवरजीलाल, भोला, निरंजन सिंह, हर्ष, विजय, उदयभान सिंह, आकाश, अमित, सुगम, सत्यम, संजू, भूपेंद्र, नरेंद्र, रामू, नीटू को नामजद किया है। इसमें उसने कहा है कि मेरे बच्चे व बच्चे की मां चबूतरे पर बैठी थी। तभी विरोधी पक्ष के लोग व उनके बच्चे सामने पेशाब करने लगे। टोकने पर इन लोगों ने एक राय होकर हमला कर दिया और मेरे भाई राजकुमार को गोली मारकर घायल कर दिया। इसमें उसकी बेटी ध्रुवी भी घायल हो गई।
वहीं दूसरे पक्ष ने भी सोमवार की रात्रि में हुए झगड़े का मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें राजकुमार पुत्र भगवान सिंह ने राजू, रमन, महाराज पुत्रगण जुल्फी सिंह, शिवम पुत्र रमन, मानवेंद्र पुत्र राजू व तीन-चार अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है। इसमें उसने कहा है कि नामजद पुरानी रंजिश मानते हैं। इसी के चलते नामजदों ने फायरिंग कर ईंट पत्थर फेंके और मारपीट की।
इधर, तीसरा मुकदमा पुलिस हिरासत में राजकुमार की मौत के मामले में दर्ज हुआ है। इसमें राजकुमार के भाई महाराज सिंह ने कहा है कि सोमवार की रात्रि आठ बजे के करीब गांव का आकाश शराब के नशे में घर के सामने पेशाब करने लगा। जब पेशाब करने के लिए यह कहते हुए मना किया कि वहां महिलाएं बैठी हैं तो इस बात पर आकाश गाली-गलौज करने लगा और उसने अपने परिजनों को बुला लिया।
इन लोगों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी, जिससे राजकुमार के बाएं हाथ व दाएं पैर में गोली की चोटें आईं। राजकुमार को जब बचाने की कोशिश की तो थाना चंदपा के दरोगा सर्वेश कुमार के साथ अन्य पुलिसकर्मी गांव बिसाना आए। विपक्षी लोगों से मिलकर राजकुमार उर्फ राजू को पकड़कर थाना चंदपा ले गए। दरोगा सर्वेश कुमार कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों ने थाना प्रभारी की मौजूदगी में बुरी तरह मारपीट की।
राजू को गंभीर अवस्था में रात्रि 9.30 दरोगा सर्वेश कुमार व अन्य पुलिसकर्मी बागला अस्पताल लेकर आए। राजू की हालत गंभीर देखते हुए राजू को डॉक्टर ने भर्ती करने को कहा। दरोगा ने अस्पताल में भर्ती नहीं किया और वापस थाना चंदपा ले गए।
फिर दरोगा सर्वेश कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों ने फिर मारपीट कर राजकुमार व राजू की हत्या कर दी। 17 मई को सुबह आठ बजे थाना चंदपा पुलिस ने राजकुमार के छोटे भाई महाराज सिंह को सूचना दी कि तुम्हारे भाई की हालत खराब है। महाराज सिंह चंदपा गया तो पुलिस वहां उसे गुमराह करती रही।
थोड़ी देर बाद पुलिस ने कहा कि तुम्हारे भाई की लाश पोस्टमार्टम के लिए बागला अस्पताल के लिए बागला अस्पताल हाथरस में भेज दी गई है। मुकदमे में कहा गया गया है कि विपक्षी व्यक्तियों, थाना चंदपा पुलिस के दरोगा सर्वेश कुमार और थाना प्रभारी चंदपा व अन्य पुलिसकर्मियों ने जान से मारने के लिए गंभीर चोटें पहुंचाकर राजू की हत्या कर दी है।