हाथरस। हाथरस एक बार फिर देश की सियासत के केंद्र में है। पिछले छह वर्षों से कांग्रेस के लिए हाथरस की घटनाएं राजनीतिक मुद्दों का केंद्र रही हैं। ताजा मामले में कुशवाहा समाज की युवती से जुड़ी भ्रामक जानकारी साझा करना कांग्रेस के लिए गले की फांस बन गया है। दिल्ली में आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस के बाद अब कांग्रेस के पूर्व विधायक कानूनी शिकंजे में हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बहुचर्चित चंदपा कांड में पहले से ही मानहानि का मुकदमा झेल रहे हैं।
2020 चंदपा कांड से लेकर अब तक एक नजर
हाथरस और कांग्रेस का विवादों से पुराना नाता रहा है। साल 2020 में हुए चर्चित चंदपा कांड के दौरान राहुल गांधी के हाथरस दौरे ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। उस समय विपक्ष ने इसे कानून व्यवस्था का बड़ा मुद्दा बनाया था, जिसके चलते राहुल गांधी आज भी मानहानि का मुकदमा झेल रहे हैं।
अब ठीक उसी तर्ज पर कुशवाहा समाज की युवती की फर्जी हत्या की खबर फैलाकर कांग्रेस ने एक बार फिर हाथरस के जरिये अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश की है। चंदपा से शुरू हुआ यह सिलसिला अब फर्जी घटना के वीडियो और एफआईआर तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। संवाद