राजनीतिक लाभ के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक और असत्य खबरें फैलाना कांग्रेस के एससी विभाग के अध्यक्ष व पूर्व विधायक राजेंद्रपाल गौतम को भारी पड़ गया है। कोतवाली सदर में दिल्ली के सीमापुरी के पूर्व विधायक गौतम के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक फर्जी वीडियो के जरिये हाथरस की कानून व्यवस्था और भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है।
बुधवार को नई दिल्ली स्थित एआईसीसी कार्यालय में महिला आरक्षण बिल पर सफाई देने के लिए प्रेस काॅन्फ्रेंस हुई थी। इसमें उत्तर प्रदेश में महिला अपराध के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए राजेंद्रपाल गौतम ने ऐसी घटना का जिक्र कर दिया, जो हाथरस में हुई ही नहीं। उन्होंने कहा कि हाथरस में एक कुशवाहा परिवार की बेटी से लगातार छेड़खानी की जा रही थी।
पुलिस से लिखित में शिकायत की कि उसकी हत्या हो सकती है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। आखिर उसकी हत्या हो गई। आखिर में उन्होंने जोड़ा, अभी की बात है.. लेटेस्ट एक दम। इसके बाद गाजीपुर की सामूहिक दुष्कर्म की घटना का भी जिक्र किया।
इस प्रेस कान्फ्रेंस को कई भाग में कांग्रेस के एक्स हैंडल पर डाला गया। गौतम का हाथरस संबंधी 1.59 मिनट का बयान भी एक्स पर पोस्ट किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लखनऊ से हाथरस पुलिस को तलब किया गया। पुलिस की छानबीन में पता चला कि जिले में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। वीडियो में कही गई बातें पूरी तरह निराधार और भ्रामक निकलीं।
एसपी के निर्देश पर आनन-फानन एसएसआई उमेशचंद्र शर्मा ने बुधवार देर रात डेढ़ बजे कोतवाली सदर में कांग्रेस नेता के खिलाफ सार्वजनिक सौहार्द बिगाड़ने व अफवाह फैलाकर उपद्रव की स्थिति उत्पन्न करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
जनपद में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है, जिसका पूर्व विधायक ने वीडियो में जिक्र किया है। इस पूरी तरह झूठी व भ्रामक खबर है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सख्त से सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-रामानंद कुशवाहा, अपर पुलिस अधीक्षक, हाथरस