न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लोक निर्माण विभाग के अफसर अब सड़कों के गड्ढे भरने व निर्माण कार्यों में खेल नहीं कर सकेंगे। प्रदेश सरकार ने कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए चाणक्य, विश्वकर्मा और बाज मोबाइल एप का प्रयोग शुरू कर दिया है।
इसमें चाणक्य एप के जरिए लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों का पंजीकरण, बिलिंग और भुगतान का कार्य किया जाएगा, जबकि विश्वकर्मा एप के माध्यम से विभाग में काम का बंटवारा, बजट की मांग, उसके अनुमोदन और आवंटन का कार्य किया जाएगा। बाज एप निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए बनाया गया है। सरकार ई गवर्नेंस को बढ़ावा दे रही है।
इस क्रम में लोक निर्माण विभाग से जुड़ी शिकायतों व सुझावों के लिए मेल आईडी भी भेज सकेंगे। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों को सड़क के गड्ढे भरने व दुरुस्त करने के कार्य के फोटो बाज एप पर अपलोड करने होंगे। कोई भी व्यक्ति इन कार्यों की गुणवत्ता आदि के फोटो लेकर बाज एप पर भेज सकेगा। काम में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) राजेश निगम का कहना है कि इस तरह के एप के बारे में अभी कोई सही जानकारी नहीं है। जो शासन का आदेश होगा, उस पर अमल किया जाएगा। संवाद